कोरबा। पुलिस महकमे में तैनात अफसर और जवान थाना चौकियों में पदस्थ रहकर अपनी पहचान बनाते हैं। उनकी आम जनता के बीच अलग छाप होती है। उन्हे बेहतर कार्य के बदौलत इनामो से नवाजा जाता है, लेकिन महकमें में ही एक ऐसा भी कुनबा है, जिनके कंधों पर अन्य सरकारी विभागों की तरह तमाम कार्यों की जिम्मेदारी होती है, बावजूद इसके सीमित दायरे में सिमटे होने के कारण वे गुमनाम रहते हैं । जिले के संवेदनशील पुलिस कप्तान यू उदयकीरण ने दफ्तर में कार्य करने वाले इन कर्मचारियों को न सिर्फ आजादी के पर्व पर सम्मान दिया, बल्कि उनके साथ फोटो सेशन भी कराए। अपने कप्तान के इस नई पहल से अफसर और जवान खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उनके चेहरे में खुशी की एक अलग ही चमक दिखाई दे रही थी।

जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा में 50 से अधिक निरीक्षक, उपनिरीक्षक सहायक, उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक तैनात है । इनमें महिला अफसर और कर्मी भी शामिल है, जो विभाग से संबंधित तमाम कार्यों को अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन करते हुए बेहतर ढंग से अंजाम देते हैं । वे न सिर्फ मैदानी क्षेत्र में कार्यरत पुलिस अफसर और जवानों के दस्तावेजों को तैयार कर सहयोग करते हैं, बल्कि अन्य कार्य भी उनके जिम्मे में ही होती है। कंट्रोल रूम मैं तैनात पुलिसकर्मी 24 घंटे सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं । उनके द्वारा कप्तान के निर्देश मैदानी क्षेत्र में काम करने वाले अफसर और जवानों तक पहुंचाया जाता है, ताकि क्षेत्र में अमन चैन कायम रह सके। विभागीय कार्य को बेहतर ढंग से किया जा सके। वे जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने मैदान पर भी उतरते हैं । उनके चेहरे पर काम का अधिक दबाव होने के बावजूद शिकन नहीं होती । आजादी के अमृत महोत्सव पर संवेदनशील पुलिस कप्तान यू उदय किरण ने एक अनूठी पहल की । उन्होंने विभाग में अन्य सरकारी दफ्तरों की तरह काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने न सिर्फ तमाम कर्मचारियों को सम्मानित किया, बल्कि उनके साथ फोटो सेशन भी कराए। कप्तान की इस पहल से दफ्तर में तैनात अधिकारी व कर्मचारी बेहद खुश नजर आए । वह एक साथ पुलिस कप्तान के सानिध्य में खुद को पाकर बेहतर महसूस कर रहे थे। उनके चेहरे पर अलग ही चमक दिखाई दे रही थी। इस सम्मान को पाकर न सिर्फ कर्मचारी खुद को तारो ताजा महसूस करेंगे बल्कि उनके कामकाज में भी निश्चित तौर पर निखार आएगी। बहरहाल अफसर और जवान अपने कप्तान की अनूठी पहल की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।

