जब बात देश की युवाओं की आती है तो स्वामी विवेकानंद जी का नाम हमारे जहन में पहले आता है। हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी के जन्म दिवस को नेशनल यूथ डे यानी राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में डी. ए. वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया जहाँ विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी के तत्वावधान में आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अतिथि न्यू एरा पब्लिक स्कूल कोरबा की अध्यापिका श्रीमती शीजा एम.एस रही। इस युवा दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम डी. ए. वी गान , राष्ट्र गान गाया गया तत्पश्चात विद्यालय की अध्यापिका सोनम सिंह द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को मनाने व राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर भाषण दिया गया। इस अवसर पर कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से संबंधित एक बहुत ही सुंदर नाटक की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंत मे मैडम सीजा ने स्वामी विवेकानंद जी पर अपने विचार प्रस्तुत किए व विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं दी व स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। वे वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। छोटी उम्र से ही उन्हें अध्यात्म में रुची हो गई थी। पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद जब वह 25 साल के हुए तो वे अपने गुरू से प्रभावित होकर सांसारिक मोह माया त्याग दी और सन्यासी बन गए। उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्ता था। सन्यास लेने के बाद उनका नाम स्वामी विवेकानंद पड़ा 1881 में स्वामी विवेकानंद जी की मुलाकात रामकृष्ण परमहंस से हुई । जिसके बाद वे पूरे विश्व मे दार्शनिक और विचारक के तौर पर को प्रेरित करने लगे । विद्याथियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य मुखर्जी ने आगे बताया कि 12 जनवरी को हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस भारत के उन युवाओं व नौजवानों को समर्पित एक खास दिन है, जो देश के भविष्य को बेहतर बनाने की क्षमता रखते है । स्वामी विवेकानंद जी को एक महान विचारक और धार्मिक नेता के रूप में जाना जाता है । स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी पूरे विश्व के युवाओं के बीच प्रेरणा और ऊर्जा भरने का कार्य करते है। वे कहते थे कि उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। उनके यही विचार युवाओं को आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते है । इसके साथ ही हमारे देश के एक उज्ज्वल भविष्य व जीवन का निर्माण करने हेतु देश के युवा वर्ग व सभी विद्यार्थियों को विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने हेतु प्रेरित किया।

