डी. ए. वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा कोरबा में 12 फरवरी को आर्य समाज के प्रवर्तक और प्रखर सुधारवादी संन्यासी महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जयंती मनाई गई। विद्यालय के प्राचार्य महोदय श्री हेमंतो मुखर्जी और विद्यालय के स्टाफ ने स्वामी दयानंद सरस्वती जी के छायाचित्र में पुष्प व मल्यार्पण कर तथा द्वीप प्रज्वलित कर उन्हे नमन किया । इस अवसर पर कक्षा सातवीं व आठवीं के विद्यार्थियों ने डी.ए.वी के संस्थापक कहे जाने वाले स्वामी दयानंद सरस्वती जी के जीवन पर सुन्दर नाटक की प्रस्तुति दी। कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा रश्मि शर्मा ने स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जीवनी और उनके द्वारा दिए गए शिक्षाओं तथा धार्मिक – सामाजिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी ने कहा की आर्य समाज के प्रवर्तक और प्रखर सुधारवादी संन्यासी महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं। आगे प्राचार्य कहते है कि “दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दिजिए और वह आपके पास सर्वश्रेष्ठ लौटकर आएगा”आधुनिक भारत के महान चिंतक, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ, नवजागरण, महिला सशक्तिकरण करने वाले आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती की जयंती पर सादर नमन है। स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक, आधुनिक भारत के महान चिंतक, समाज-सुधारक और देशभक्त थे, स्वामी दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने में अपना खास योगदान दिया था, उन्होंने वेदों को सर्वोच्च माना और वेदों का प्रमाण देते हुए हिंदू समाज में फैली कुरीतियों का विरोध किया था। महान समाज-सुधारक स्वामी का देहांत 30 अक्टूबर 1883 को दीपावली के दिन हुआ था। धार्मिक और सामाजिक सुधार के साथ लोगों के अंदर स्वदेशी की भावना भरने वाले दयानंद सरस्वती जी का भारतीय समाज में योगदान अभूतपूर्व है। प्राचार्य मुखर्जी ने यह भी जानकारी दी कि यह महर्षि दयानंद का 200वीं जयंती है जिसको बृहद रूप से गुजरात के टंकारा में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मुख्य आतिथ्य व कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया है।

