जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर के सदर इलाके में उस वक्त खासा बवाल खड़ा हो गया जब एक मकान को खाली कराए जाने के दौरान हुई धक्का मुक्की में एक शख्स की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा खड़ा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इधर पुलिस का भी इस मामले में बयान सामने आया है। पुलिस का कहना है कि शख्स की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
दरअसल वाईएमसीए यानी यंग मेंस क्रिश्चियन एसोसिएशन की जमीन पर पिछले कई सालों से हिंदू परिवार मकान बना कर रह रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि, जब वे घर पर अकेले थे, तभी ईसाई संगठन से जुड़े पदाधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देकर मकान खाली करने की ज़िद पर अड़े रहे। जबरदस्ती धक्का मुक्की की गई इस दौरान परिवार के मुखिया मोहनलाल पासी भी मौके पर पहुंचे, मकान खाली करने को लेकर हुए विवाद में पुलिस और ईसाई समाज के संगठन ने मोहनलाल पासी के साथ धक्कामुक्की कर दी जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई और कुछ ही देर में उनकी जान चली गई।
परिजनों ने जब हंगामा खड़ा करना शुरू किया तो इसकी जानकारी पाकर हिंदू धर्म सेना से जुड़े पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, प्रदर्शनकारियों ने कैंट थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की। इस पूरे मामले में हिंदू धर्म सेना ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला धर्मांतरण से जुड़ा है और धर्मांतरण न करने को लेकर ही मोहनलाल पासी को प्रताड़ित किया जा रहा है और जब उन्होंने धर्मांतरण नहीं किया तो उनके मकान को खाली करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं परिजन भी वाईएमसीए से जुड़े सदस्यों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि मकान खाली करने आए लोगों ने महिलाओं के साथ भी झूम झपटी करते हुए मारपीट की है हालांकि इस पूरे मामले को पुलिस ने जांच में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी हकीकत सामने आएगी उसी आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
