कोरबा। आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए शुरू की गई 112 सेवा अब खुद पुलिस जवानों और जनता के लिए खतरे का सबब बन गई है। कोरबा जिले में चल रही 112 की गाड़ियाँ इतनी खस्ता हालत में पहुंच चुकी हैं कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

जर्जर गाड़ियाँ, फटने की कगार पर टायर
जानकारी के मुताबिक जिले में 112 की कई गाड़ियों के टायर अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं, जो चलते-चलते कभी भी फट सकते हैं। गाड़ियों में जगह-जगह जंग लग चुकी है और कई वाहन लंबे समय से ब्रेकडाउन हालत में पड़े हैं, लेकिन ठेका कंपनी द्वारा उनकी मरम्मत तक नहीं कराई जा रही।

कैमरे भी हुए बंद, निगरानी पर असर
अनेक वाहनों में लगे कैमरे खराब पड़े हैं। ऐसे में घटनाओं की रिकॉर्डिंग और निगरानी प्रभावित हो रही है। इस लापरवाही से आपातकालीन सेवा का मूल उद्देश्य ही सवालों के घेरे में है।

77 ड्राइवर हर दिन उठा रहे खतरा
कोरबा जिले में 112 वाहनों को चलाने के लिए कुल 77 ड्राइवर तैनात हैं। ये सभी रोज़ाना अपनी जान जोखिम में डालकर खस्ताहाल गाड़ियों को चला रहे हैं। ड्राइवरों और पुलिस जवानों का कहना है कि उन्हें ड्यूटी पर भेजा तो जाता है, मगर वाहन की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा
112 गाड़ियाँ हर वक्त घटनाओं और आपात स्थिति में मौके पर पहुंचती हैं। खराब टायर और तकनीकी खामियों के कारण इन गाड़ियों के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें ड्राइवरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

जिम्मेदारी तय होनी चाहिए
स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों का सवाल है कि जब ठेका कंपनी को भारी-भरकम भुगतान किया जा रहा है, तो फिर मरम्मत और सर्विसिंग समय पर क्यों नहीं हो रही ? यदि किसी हादसे में जान जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ?
जिलेवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तुरंत खस्ताहाल 112 वाहनों की मरम्मत कराई जाए, नई गाड़ियाँ उपलब्ध कराई जाएं और लापरवाह ठेका कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
