पूर्वांचल का सबसे बड़ा छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कोरबा में अनेक स्थानों पर छठ पूजा की जाती है जिसके लिए अलग-अलग स्तर पर जरूरी तैयारी की जा रही है। इन सबसे अलग एक जनप्रतिनिधि ऐसा भी है जो अपने खर्चे से ढेंगुरनाला छठघाट की सफाई करवा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस काम को पिछले 14 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। सनातन धर्म मानने वालों की भीड़ इस घाट पर पर्व के दौरान इकट्ठी होती है।
इन तस्वीरों में आपको जो नजर आ रहा है, वह है कोरबा से बालको नगर जाने वाले मार्ग पर स्थित ढेंगुर नाला छठ घाट। इस नाले पर 12 महीने पानी की उपस्थिति होती है और यही कारण है कि बहते हुए पानी में छठ पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। नहाय खाय के साथ शुरू हुआ छठ पूजा का पर्व धूमधाम से मनाने की परंपरा है, जिसके लिए पूर्वांचलवासियों में काफी उत्साह बना हुआ है। पर्व के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत है श्रद्धालुओं को न होने पाए, इसके लिए तैयारी की जा रही है। कोरबा के ढेंगुर नाला घाट की सफाई का प्राथमिक कार्य नगर निगम के द्वारा जरूर कराया गया है लेकिन वार्ड क्रमांक 18 के पार्षद चंद्रलोक सिंह अपने संसाधन और खर्चे से यहां बड़े हिस्से में सफाई में जुटे हुए हैं। वे पिछले 14 साल से इस काम को कर रहे है।
चंद्रलोक बताते हैं कि इस प्रकार के काम करने से अलग ही संतुष्टि मिलती है और ईश्वर की कृपा भी लगातार मिलती रहती है।
विभिन्न प्रकार के सामाजिक अधिकारियों के लिए अलग पहचान रखने वाले चंद्रलोक बताते हैं कि छठ घाट का अपना विशेष महत्व है। पूर्वांचल ही नहीं बल्कि सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग इस अवसर पर भगवान सूर्य की उपासना करते हैं।
पार्षद चंदलोक सिंह को यह देखकर अफसोस होता है की पूजा के बाद के दिनों में इन स्थानों को लोग गंदा कर देते हैं जिससे कई प्रकार की समस्याएं पैदा होती हैं।। कम से कम लोगों को अपने साथ-साथ दूसरों के स्वास्थ्य के बारे में गंभीरता दिखानी चाहिए। यह जरूर की कुछ अवसर पर नगर निगम ओडीएफ जैसे स्थानों पर गंदगी करने के लिए पेनल्टी करता है लेकिन इसे नियमित करने की जरूरत है।
अलग-अलग गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सामाजिक संगठनों को सरकार और उसके निकायों के द्वारा जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं क्योंकि यह उसका दायित्व है। लेकिन इन सबसे अलग कोरबा में सामाजिक कार्यकर्ता और पार्षद चंद्रलोक सिंह के द्वारा जिस भावना के साथ छठ घाट को बेहतर बनाने के लिए अपने सरोकारों प्रदर्शित किया जा रहे हैं, उसकी सराहना हर कोई कर रहा है।
