
कोरबा। अगर आप रात के अंधेरे में बेवजह सड़कों पर घूम रहे हैं या गलियों में झुंड बनाकर ‘अड्डेबाजी’ कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के चक्रव्यूह में अब अपराधियों और संदिग्धों का बचना नामुमकिन है। कोरबा पुलिस ने बीती रात पूरे जिले में एक साथ ‘सफाई अभियान’ चलाकर बदमाशों और असामाजिक तत्वों के बीच दहशत पैदा कर दी है।

आधी रात को पुलिस की दबिश, कांप उठे बदमाश
शांति व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के चप्पे-चप्पे पर छापेमारी की। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, सुनसान रास्तों और संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस ने ऐसी दबिश दी कि अड्डेबाजी करने वाले गिरोह तितर-बितर हो गए।

20 संदिग्धों पर गिरी गाज, BNSS की धाराओं में कार्रवाई
पुलिस की इस सघन चेकिंग के दौरान 20 ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों को दबोचा गया, जो रात के वक्त बेवजह घूमते और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। इन सभी के खिलाफ धारा 128 BNSS के तहत सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मिशन: अपराध मुक्त कोरबा
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य रात्रिकालीन अपराधों पर लगाम लगाना और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है।
क्या हुई कार्रवाई: सड़कों पर बेवजह घूमना बंद।
किस पर निशाना: संदिग्ध अड्डेबाज और असामाजिक तत्व।
पुलिस का अल्टीमेटम: यह कार्रवाई थमेगी नहीं, बल्कि और सघन होगी।
एसपी का कड़ा रुख: “कोरबा की सड़कों पर अब गुंडागर्दी और नशेड़ियों की अड्डेबाजी नहीं चलेगी। रात के अंधेरे में वारदात की योजना बनाने वालों के लिए जेल के दरवाजे खुले हैं। पुलिस की गश्त और निगरानी अब 24×7 और भी ज्यादा सख्त रहेगी।”
