कोरबा/ की सिविल लाइन पुलिस ने 420 आईपीसी से संबंधित एक मामले में बिलासपुर के रहने वाले एक ठेकेदार को जेल का रास्ता दिखा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग के ठेके के लिए आरोपी ने 34 लाख का फर्जी टीडीआर जमा किया था। विभाग के अधिकारी ने इस बारे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिस पर प्रकरण रजिस्टर्ड किया गया था। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस पर किसी तरह का संज्ञान नहीं लिया जा रहा था कोरबा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सभी थानों को निर्देशित किया गया था की पुराने जितने भी लंबित प्रकरण है उन पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए इसी कड़ी में कोरबा की सिविल लाइन पुलिस ने तत्काल ही कार्यवाही करते हुए बिलासपुर के इस फर्जी ठेकेदार की खोजबीन शुरू कर दी यह इतना आसान नहीं था, क्योंकि 420 के मामले में सनलिप्त ठेकेदार अपने बीमारी का बहाना बनाकर काफी लंबे समय से पुलिस से बच रहा था, आखिर अंत में सिविल लाइन पुलिस ने अपनी नीति बदली और उसे इस कदर उलझा दिया की खुद आरोपी ठेकेदार को पुलिस के पास जाने के अलावा कोई और रास्ता दिखाई ही नहीं दे रहा था।

अंततः सन 2021 के इस लंबित 420 के प्रकरण में कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी, आपको बता दें कि इस पूरे मामले में प्रार्थी सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी थे, 34 लाख के इस पूरे फर्जी मामले में आरोपी को पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था जिसके बाद उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

