कोरबा की जनता परिवर्तन के मूड में, राखड़ पाटकर जमीन कब्जा कर रहे मंत्री, सडक़ों की हालत से परेशान कोरबा के व्यापारी

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15 साल से कोरबा विधानसभा का विधायक और मंत्री बनकर जनता की सेवा करने का ढोंग रचने वाले जयसिंह अग्रवाल के ठेकेदारी और राखड़ पाटकर जमीनों को कब्जा करने का खेल कोरबा की जनता पिछले पांच सालों से लगातार देखती आ रही है। जगह-जगह राखड़ पाट कर सरकारी जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का खेला चल रहा है। इसमें जयसिंह अग्रवाल के गिने-चुने लोग को लाभ पहुंचाया जा रहा है। जयसिंह अग्रवाल के ठेकेदारी में चल रहे कुसमुंडा सडक़, दर्री सडक़, कोरबा-चांपा सडक़ के घटिया निर्माण और लेट-लतीफी के कारण कोरबा का व्यापार ठप्प पड़ गया है। जिससे कोरबा के व्यापारी भी खासे नाराज हैं। जयसिंह के संरक्षण में जिला बदर हुए कांग्रेसियों से यहां के लोग भी काफी आतंकित हैं। कोरबा की जनता ने एक नया नारा दिया है-15 साल के चोट पर जनता का वोट इस बार भारी पड़ेगा और घर-घर में 500 का नोट तीन-तीन बार बांटने के बाद भी जनता इस बार जयसिंह को बदलने के मूड में है। कोरबा में भू माफिया और राखड़ और कोयला दलाली के साथ-साथ स्कूटर से डामर घोटाला करने वाले को जनता सबक सिखाएगी। कोरबा में जयसिंह अग्रवाल विकास का थोथा दावा करते हैं लेकिन केवल अपने लोगों को ठेका दिलाने के लिए। कुसमुंडा सडक़ का ठेका 200 करोड़, वाटिका का ठेका 16 करोड़, पोखरी का ठेका 22 करोड़, हरदीबाजार सडक़ का ठेका 150 करोड़, बालको में दबंगई करके 350 करोड़ का ठेका, डीडीएम रोड की 1 एकड़ सरकारी जमीन जिसकी लागत करोड़ों में है उस पर दरबार बनाकर कॉम्पलेक्स बनाने की योजना, कोरबा नगर निगम क्षेत्र की सडक़ों का ठेका, निगम क्षेत्र की खस्ता हालत और साफ-सफाई का ठेका जयसिंह अग्रवाल के पार्टनरशिप वाली फर्मों ने लिया है। कोरबा का विकास नहीं बल्कि केवल ठेकेदारी कर रहे हैं। धन बल के विरुद्ध जन बल की लड़ाई में जनता ने मूड बना लिया है कि अब तो 15 साल से विधायक और मंत्री जयसिंह अग्रवाल को गरीब और अमीर दोनों ही बदलने के मूड में आ गए हैं। कोरबा के सामाजिक संगठन भी इस बात से नाराज हैं कि समाजों में फूट डालकर अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं। हर वर्ग के लोग अब कहने लगे हैं बहुत हुआ 15 साल अब तो परिवर्तन होकर रहेगा, सेठ जी तो गियो।

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