नगर निगम के सबसे बड़े प्रोजेक्ट न्यू टीपी नगर पर अब नई सरकार के गठन के बाद ही प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। एक साल पहले बरबसपुर में 40.36 एकड़ में न्यू टीपी नगर बनाने 38 करोड़ 87 लाख का टेंडर भी हो गया, लेकिन जमीन को लेकर विवाद के बाद प्रशासन ने भुलसीडीह झगरहा में 42 एकड़ जमीन चिह्नित की थी, लेकिन दोनों जगह ही काम शुरू नहीं हो पाया। यही नहीं जमीन की जांच के लिए सचिव स्तर की बनी समिति 10 माह में नहीं पहुंची।
निगम ने नया टीपी नगर के लिए बरसबपुर में कचरा डंपिंग यार्ड की 72.91 एकड़ में से 40.36 एकड़ जमीन आवंटित की थी। लैंड यूज बदलने में ही एक साल का समय लग गया। वर्ष 2022 में इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। 38 करोड़ 87 लाख की लागत से प्रस्तावित न्यू टीपी नगर के लिए 5 कंपनियों ने टेंडर भरा था। जिसमें से तीन टेंडर को निरस्त कर दिया था। सबसे कम दर रायपुर कंस्ट्रक्शन की थी।
यहां से पास होने के बाद राज्य शासन को भेज दिया गया था, पर इस बीच जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। सरकार ने वन विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में परीक्षण के लिए 9 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। शहर के लोगों को अभी भी भारी वाहनों के बीच ही आवाजाही करनी पड़ रही है। कुसमुंडा, गेवरा की ओर से कोयला परिवहन शहर के बीच से ही टीपी नगर होते हुए होता है। इसके अलावा सुधार के लिए भी भारी वाहन पहुंचते हैं। न्यू टीपी नगर बनने से भारी वाहन नहीं आएंगे। लोगों को बड़ी राहत भी मिलेगी। अब पुराना टीपी नगर रिहायशी क्षेत्र बन गया है।
अब कचरा डंपिंग यार्ड भी हो गया खाली बरबसपुर में कचरा डंपिंग यार्ड खाली हो गया। निगम ने 6 करोड़ रुपए में कचरा निपटान के लिए ठेका दिया था। इसकी वजह से अब यहां अतिरिक्त जमीन भी मिल गई है। अभी तक यहां कोई नया प्रोजेक्ट प्रस्तावित नहीं है। निगम ने यहां पर गार्डन के साथ ही कचरा निपटान के लिए मशीन लगाने का निर्णय लिया है। डंपिंग यार्ड की वजह से ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने नो कंस्ट्रक्शन एरिया घोषित किया था।
एमआईसी की मंजूरी के बाद साधारण सभा में इसे रखा गया था।
