कोरबा बालकों नगर अंबेडकर स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एमजीएम स्कूल बालकों के तीन छात्रों की इलेक्ट्रॉनिक स्मोक डिवाइस से जलने की घटना सामने आई है, हादसे में तीन छात्रों के शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरीके से झुलस गया है।

जिनका प्राथमिक उपचार बालको के विभागीय अस्पताल में कराया गया है। पूरा मामला कोरबा जिले के बालकों में डॉक्टर अंबेडकर स्टेडियम में गणतंत्र समारोह के दौरान का है, जहां लोग गणतंत्र दिवस समारोह के खुशी में मशगूल थे, वहां एमजीएम स्कूल बाल्को के बच्चों द्वारा डांस की प्रस्तुति दी जा रही थी। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक स्मोक डिवाइस को बच्चों के पैरों में बांधा गया था, डांस के बीच में ही अचानक स्मोक डिवाइस में ब्लास्ट होने के कारण तीन छात्रों का शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरीके से इसमें झुलस गया है, इस घटना से स्टेडियम में अफरा तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। तत्काल छात्रों को उपचार हेतु निजी अस्पताल ले जाया गया है।

छात्रों के पांव में बांधे गए थे स्मोक डिवाइस पूरी घटना में एमजीएम स्कूल स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां छात्रों के पैरों में स्मोक डिवाइस को बांध गया था । स्टेडियम में डांस करने के दौरान ही स्मोक डिवाइस में शॉर्ट सर्किट होने के कारण तीन छात्र इसमें बुरी तरीके से झुलस गए हैं ।
वहीं जब स्कूल प्रबंधन से हादसे के सम्बन्ध में जानकारी ली गई तो स्कूल के प्राचार्य वर्गीस का कहना है कि स्मोक डिवाइस की जानकारी उन्हें नहीं थी छात्रों और डांस टीचर को रही होगी। बच्चों का इलाज हो गया है ।
वही जब घटना की जानकारी पलकों को लगी तो उनका आक्रोश- टूट पड़ा । एक छात्र के पलक ने एमजीएम स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध गहरी नाराजगी जताते हुए प्रबंधन की लापरवाही बताई है उन्होंने बताया कि स्कूल के टीचर घटना के बारे में पूछने पर गोल मटोल जवाब देते हैं कि डिवाइस का उपयोग की जानकारी हमें नहीं थी, प्रबंधन की लापरवाही से गई उनके बच्चे के साथ ऐसी घटना घटित हुई है।
गौर करने वाली बात यह है कि बच्चे अपने डांस प्रोग्राम में इलेक्ट्रॉनिक स्मोक डिवाइस का उपयोग करते हैं परंतु स्कूल स्टाफ को इस बात की जानकारी नहीं होती है ऐसा कैसे हो सकता है। जबकि आपको बता दें कि स्कूल स्टाफ के साथ स्कूल के बच्चों की टीम स्टेडियम में डांस की प्रस्तुति देने पहुंचते हैं फिर इस प्रकार के लापरवाही कई सवाल खड़े करते हैं।स्कूल प्रबंधन को इस प्रकार के साधनों के उपयोग में रोक लगनी चाहिए ।
