कोरबा – जिले के सबसे विवादित खदानों में से एक कुसमुंडा खदान जहां खदान के बाहर और अंदर आए दिन आंदोलन देखने को मिलते रहते है। इन सबके बीच इस फरवरी माह के अंत में जीएम संजय मिश्रा रिटायर (सेवा निवृत) हो रहे हैं ऐसे में वे अपने रिटायरमेंट को शांति पूर्वक निपटाने बड़ी जुगत में भी लगे हुए हैं। इसकी तैयारी बीते कई माह से उनके हो आदेशानुसार चल रही है। जिसके तहत कुसमुंडा क्षेत्र में वृहत रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक दृष्टिकोण से यह आयोजन बेहद ही धार्मिक,सुखद और प्रासंगिक है। परंतु अपने कर्तव्यों के निर्वहन को छोड़कर कथा का बहाना बनाकर अपने टेबल में नही बैठना, खदान प्रभावितों से नहीं मिलना ये तो धर्म कर्म की आड़ लेना ही कहलाएगा जो जीएम संजय मिश्रा कर रहे हैं। संयुक्त सलाहकार समिति के कंधों पर बंदूक रख कर चलाए जा रही गोली निशाने पर लगती नजर आ रही है। इधर राम कथा में भव्य और वृहत आयोजन के लिए कर्मचारियों अधिकारियों और खदान में नियोजित कंपनियों से मोटी चंदे की जुगत के साथ साथ फर्जी नोट शीट बनाकर अन्य खर्च वसूलने की पुरानी आदत के तहत एस ई सी एल के पैसे को इस कथा के माध्यम सा पानी की तरह बहाया जा रहे हैं।
