मेडिकल कॉलेज की इतनी अच्छी है व्यवस्था जहां मरीजों के साथ-साथ जीव जंतु भी पहुंचते हैं उपचार के लिए, देखिए यह पूरी खबर

Thevoicesnews
Thevoicesnews
4 Min Read
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.01_42bc2085
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.04_54eddaa3
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.03_12ad33f5

कोरबा/कोरबा का मेडिकल कॉलेज अपने कारनामों के लिए विख्यात है किसी सुविधा की बात करें तो कई बड़े-बड़े डॉक्टरों की टीम यहां पर अपनी सेवाएं देते हैं यहां का प्रबंधन इतना संजीदा है कि किसी भी मामले को लेकर कोई भी कोताही नहीं बरती जाती प्रबंधन समिति किसी भी मुद्दे को लेकर हमेशा तत्पर रहती है, परंतु मेडिकल कॉलेज को बदनाम करने में यहां के ठेका श्रमिक कोई कमी नहीं रखते हैं,ऐसा ही मामला कोरबा के मेडिकल कॉलेज में फिर से सामने आया है जहां रात के वक्त सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में एक मवेशी मेडिकल कॉलेज के पूरे परिसर में भ्रमण कर रहा था, किसी को भी इस बात से कोई परवाह नहीं थी परंतु कैमरा चलता देख सारे कर्मचारी एक्टिव हो गए और मवेशी को भगाने का कार्य शुरू कर दिया,

*देखिए यह वीडियो*

यही नहीं मेडिकल कॉलेज के कुछ ऐसे स्टाफ रात के वक्त नियुक्त किये गए है,जो शाम के समय अपनी ड्यूटी करते तो हैं मगर केवल हाजिरी जोड़ने के लिए,ऐसे ही एक कर्मचारी से हम आपको मिलवाते हैं जिन्हें आराम से बैठकर केवल मोबाइल फोन चलाने के लिए यहां पर पेमेंट दिया जाता है यहां एडमिट होने वाले पेशेंट के लिए बेडशीट मांगने पर परिजनों को यह कह दिया जाता है कि चादर तो हमारे पास अभी नहीं है आप अपने से ही व्यवस्था कर लीजिए कल सुबह स्टॉप आएंगे तो देखेंगे

मेडिकल कॉलेज का यह कोई पहला मामला नहीं है जब यहां की व्यवस्थाओं की पोल खुली हो,कई बार इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं।आपको यह बता दें कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल अभी एक साथ संबंध होकर कार्य कर रहे हैं यहां पर मेडिकल कॉलेज का नाम है परंतु स्टाफ वही जिला चिकित्सालय वाले हैं जिसके चलते कई बार ऐसी शिकायतें हमेशा मिलती रहती हैं यहां की प्रबंधन भी करे तो आखिर अरे क्या जिला चिकित्सालय या यूं कहें कि सरकारी कर्मचारियों को दंड देने का प्रावधान केवल मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास है ना कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के पास बस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी यहा की व्यवस्था सुधारने में लगे रहते हैं।

यहां का स्टाफ यूनिट तो इसलिए खुश है कि हम तो अपने हिसाब से चलेंगे बाकी हमारा कोई कुछ करेगा क्या।

इस खबर का क्या प्रभाव क्या पड़ता है यह तो देखने वाली बात होगी परंतु जिला मेडिकल कॉलेज अपनी हर कारनामों के लिए माना जाता है यहां कई ऐसी ऐसी चीज हुई है जिसे कोरबा के स्वर्णिम इतिहास में लिखा जा सकता है ऐसे ऑपरेशन जिसके लिए लोगों को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, यहां 5 रुपए में 5 लाख तक का उपचार हुआ है कई लोगों ने जिला मेडिकल कॉलेज की प्रशंसा की है और यहां की कार्य को देखते हुए कई लोगों ने अपने अंगदान भी जिला मेडिकल कॉलेज को किया है परंतु कुछ ऐसे कर्मचारी यहां अभी भी नियुक्त हैं जो मेडिकल कॉलेज के साख को गिराने में कोई कमी नहीं बरत रहे हैं

लिहाजा प्रबंधन को चाहिए कि ऐसे कर्मचारियों के ऊपर कठोर कार्यवाही हो ताकि मेडिकल कॉलेज ने जो अपनी पहचान बनाई है वह हमेशा बरकरार रहे

 

Share this Article
Home
Wtsp Group
Search