
कोरबा/ “जिला अस्पताल” कहलाने वाला हॉस्पिटल अब सैकड़ो डॉक्टर आने के बाद एक नया रूप ले चुका है परंतु प्रबंधन अपने हिसाब से हर काम कर रही है मगर फल क्या मिलता है ……आइये हम आपको दिखाते है…..
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ड्यूटी डॉक्टर के रूम में आराम से सो रहा कर्मचारी
देखा आपने ये कर्मचारी डॉक्टर साहब का काम कैसे संभाल रहा है, और यही नही यहा आपातकाल के मरीजों के लिए रात्रि के समय न तो ड्रेसिंग करने की व्यवस्था है न ही किसी प्रकार की आपातकालीन व्यवस्था। अगर आप इसकी शिकायत करने के लिए किसी से कहेंगे तो यूनिटी ताकत दिखाकर आप के खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया जाएगा , यह है व्यवस्था..
ऐसा नहीं की मेडिकल कॉलेज में किसी तरीके की सुविधा नहीं मिलती परंतु आपातकालीन का ये है हाल पर कोई सुनने वाला नही, इसके लिए ना तो प्रबंधन जिम्मेदार है ना ही जिला प्रशासन जिम्मेदार है तो केवल रात्रि में अपनी जिम्मेदारियो से भागने वाले वह कर्मचारी,वह डॉक्टर,वे सभी स्टाफ जो काम के नाम पर केवल खाना पूर्ति करते हैं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को चाहिए कैसे लापरवाह लोगों के खिलाफ में कठोर से कठोर कार्रवाई करें।
