कोरबा। मैं अपने काम को लेकर आत्महत्या करूंगा और इसका पूरा जिम्मेदार शिफ्ट वाली मैडम और जनरल वाली मैडम है ! – यह झकझोर देने वाला पत्र छोड़कर CSEB कर्मी गोपालदास अचानक गायब हो गया। परिवार रोता-बिलखता रहा, पुलिस छानबीन में जुटी रही, और शहरभर में अटकलों का दौर तेज हो गया। क्या यह आत्महत्या का मामला था? क्या उसे सच में प्रताड़ित किया गया था? लेकिन अब – वह जिंदा लौट आया है !
पर सवाल यह है कि कहानी जहां खत्म होनी थी, वहीं से नया सस्पेंस क्यों शुरू हो गया है ?
गोपालदास की ‘रहस्यमयी वापसी’ – क्या पर्दे के पीछे कुछ और है ?
गोपालदास डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) में कार्यरत है। उसने लापता होने से पहले दो महिला सहकर्मियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया और एक सुसाइड नोट छोड़ा। जब उसकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो मामला और गंभीर हो गया।
➡ पुलिस ने गहन तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन गोपालदास का कोई सुराग नहीं मिला।
➡ परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था, हर कोई यही सोच रहा था कि कहीं उसने कोई गलत कदम तो नहीं उठा लिया?
➡ और फिर – अचानक गोपालदास वापस लौट आया !
क्या हुआ इन 48 घंटों में ? कहां था गोपालदास ?
अब बड़ा सवाल यह है कि गोपालदास लापता होने के बाद आखिर गया कहां था ?
▶ क्या वह अपनी मर्जी से गायब हुआ था ?
▶ क्या वाकई प्रताड़ना जैसा कुछ था ?
▶ क्या उसके आरोपों में सच्चाई है या फिर यह कोई सोची-समझी चाल थी ?
सच्चाई क्या है? पुलिस कर रही है कड़ी पूछताछ !
➡ पुलिस ने गोपालदास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
➡ अब तक उसने सटीक जवाब देने से बचने की कोशिश की है।
➡ पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है – क्या यह वास्तव में प्रताड़ना का मामला है, या फिर इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है ?
सीएसपी भूषण एक्का का बयान – बहुत जल्द आएगा सामने सच !
“यह मामला जितना सीधा लग रहा था, उतना है नहीं। हम हर एंगल से इसकी जांच कर रहे हैं। अगर आरोप सही पाए गए, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन अगर यह कोई झूठी कहानी है, तो इसका भी खुलासा किया जाएगा!”
सस्पेंस बना हुआ है ! क्या गोपालदास खुद झूठ बोल रहा है या वाकई कोई बड़ा खेल चल रहा है ?
➡ पुलिस रिपोर्ट का इंतजार करें, क्योंकि यह मामला किसी बड़ी साजिश का इशारा कर रहा है!
