*कोरबा : जंगली सुअर के हमले में ग्रामीण की मौत, गांव में फैली दहशत*

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कोरबा। जिले के ग्राम फुलसरी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के ही रहने वाले 56 वर्षीय बंधु राम कंवर पिता नोहरी कंवर की जंगली सुअर के हमले में मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वे रोज की तरह सुबह गांव के पास स्थित जंगल में किसी काम से गए हुए थे। ग्रामीणों और परिजनों ने जब तक उन्हें देखा, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। वहीं, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

कक्ष क्रमांक P-1116, जोगिन जंगल में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फुलशरी गांव के आसपास के जंगलों में अक्सर ग्रामीण लकड़ी, चारा या अन्य काम से जाते रहते हैं। शनिवार सुबह बंधु राम कंवर भी गांव के पास जोगिन जंगल (कक्ष क्रमांक P-1116) में गए थे। इसी दौरान जंगल में घात लगाए बैठे जंगली सुअर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सुअर ने उन्हें काफी दूर तक घसीटा और बुरी तरह घायल कर दिया। शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

ग्रामीणों ने दी सूचना, वन विभाग की टीम पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन अमला घटनास्थल पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

क्षेत्र में बढ़ रही है वन्य प्राणियों की आवाजाही
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इलाके में जंगली सुअरों, तेंदुए और अन्य वन्य प्राणियों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। कई बार मवेशियों और फसलों को नुकसान पहुँचाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब इंसान पर हमला कर जान लेने की यह पहली घटना है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है।

वन विभाग से मुआवजा देने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा राशि देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस उपाय करने की मांग की है। लोगों ने यह भी बताया कि अगर वन विभाग समय रहते गश्त बढ़ाता और इलाके में वन्यजीवों की निगरानी करता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

इस हादसे के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। परिजन और ग्रामीण बार-बार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक लोग इस तरह वन्यजीवों के हमले में अपनी जान गंवाते रहेंगे।

वन विभाग की कार्रवाई और अधिकारी का बयान
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम को भेजा गया था। पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। साथ ही, नियमानुसार मुआवजा प्रकरण बनाकर जल्द सहायता राशि स्वीकृत कर दी जाएगी। इसके अलावा, इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए गश्ती दल बढ़ाने और कैमरा ट्रैप लगाने की भी तैयारी की जा रही है।

लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं

कोरबा जिले सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर सुअर, तेंदुआ, भालू और जंगली हाथी के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले ही पास के एक गांव में एक किसान के खेत में सुअर ने फसल को नुकसान पहुंचाया था। अब इंसान की मौत की यह खबर जंगल और गांव के बीच संतुलन की चिंता को और गहरा कर रही है।

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