
1मई 2025,मजदूर दिवस!
कोरबा। नगर पालिका परिषद दीपिका में उपाध्यक्ष संगीता साहू क्या अपना कार्यकाल पूरा कर सकेंगे, इस पर संशय बना हुआ है। संगीता भाजपा की प्रत्याशी की जिन्हें जीत मिली जबकि कांग्रेस के कमलेश जायसवाल इस चुनाव में हार गए थे। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर कई आधार से सवाल खड़े किए और कोर्ट में याचिका लगा दी। कटघोरा की एक कोर्ट ने इसे स्वीकार कर दिया है और 9 मई को सुनवाई करने को लेकर एसडीएम, नगर पालिका अधिकारी सहित पार्षदों को नोटिस जारी किया गया है।
कांग्रेस के द्वारा नगर पालिका दीपिका से कमलेश जायसवाल को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया था जो एक वार्ड से पार्षद चुने गए थे। निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत कमलेश को बड़े अंतर से पराजय का मुंह देखना पड़ा। निर्वाचन दिवस को जो प्रक्रिया अपनाई गई उसे पर कमलेश ने आपत्ति दर्ज कराई लेकिन कुछ नहीं हुआ। निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्होंने अब इस मामले को कटघोरा के एक कोर्ट में प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से जो याचिका लगाई गई है उसमें कहा गया है कि भाजपा पार्षदों को अलग-अलग कलर के पेन दिए गए थे ताकि वोट इधर-उधर ना होने पाए। जबकि चुनाव में एकरूपता होना चाहिए। कमलेश ने कहा कि अगर निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चुनाव होता तो नतीजा कुछ और हो सकते थे।
कमलेश जायसवाल की याचिका को कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर स्वीकार कर लिया है और निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ के म्युनिसिपल ऑफीसर एवं पार्षदों को इस मामले में पार्टी बनाया है। उन्हें नोटिस भेज दिए गए हैं। भाजपा के चार पार्षदों को आज कोर्ट की ओर से नोटिस प्राप्त हो गया है। अब जबकि यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया है तब देखना होगा कि नगर पालिका में उपाध्यक्ष के पद पर संगीता साहू अपना कार्यकाल पूरा कर पाती है या नहीं।
