
कोरबा,– एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कोरबा में अधिकारी-कर्मचारी कथित तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। ताजा मामला टी.पी. नगर स्थित सुलभ शौचालय के जीर्णोद्धार का है, जहां लाखों की लागत से हो रहे काम में गुणवत्ता से खिलवाड़ का आरोप लगा है, जिससे निगम को चूना लगाया जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुलभ शौचालय के जीर्णोद्धार का काम राम रत्न अग्रवाल को मिला है। कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काम अपने अंतिम चरण में है और अभी से टाइल्स उखड़ने और टूटने लगी हैं। नियमों के अनुसार, टाइल्स लगाने के लिए पुरानी टाइल्स निकालकर दीवार पर टांका लगाया जाता है और फिर सीमेंट का पर्याप्त मसाला लगाकर टाइल्स लगाई जाती हैं। हालांकि, ठेकेदार द्वारा दीवार में नाम मात्र का मसाला इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे टाइल्स अभी से निकलने लगी हैं। इतना ही नहीं, फर्श पर लगी टाइल्स भी टूटने लगी हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि टॉयलेट सीट और नल का पूरा काम नया होना है, लेकिन ठेकेदार पुराने टॉयलेट सीट के साथ-साथ पुराने नल और पाइप का भी उपयोग कर रहा है। जानकारी के अनुसार, राजनीतिक संरक्षण के कारण अधिकारी-कर्मचारी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

इस संबंध में निगम के इंजीनियर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। अब देखना यह होगा कि निगम के आला अधिकारी इस गंभीर मामले में ठेकेदार पर कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या इस भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाएगी।
