
कोरबा,: डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते दायरे के बीच, कोरबा जिले में हजारों की संख्या में काम कर रहे गिग वर्कर्स (Gig Workers) की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से महत्वपूर्ण पहल की मांग की गई है। पंकज कुमार सोनी नामक व्यक्ति ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और सहायक श्रम आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गिग वर्कर्स की मुख्य समस्याओं को उजागर करते हुए उनके समाधान के लिए कई सुझाव दिए गए हैं।

ज्ञापन में बताया गया है कि कोरबा जिले में Flipkart, Amazon, Swiggy, Zomato, Urban Company जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के लिए ई-कॉमर्स डिलीवरी पार्टनर, फूड डिलीवरी पार्टनर और घरेलू सेवाएं देने वाले हजारों युवक-युवतियां सक्रिय हैं। ये सभी अपनी आजीविका के लिए इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे ESI, PF और दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिल पाता।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं:
* स्थायी सामाजिक सुरक्षा का अभाव।
* e-Shram पंजीकरण की जानकारी और मदद की कमी।
* न्यूनतम वेतन या आय की कोई गारंटी नहीं।
* प्लेटफॉर्म कंपनियों द्वारा मनमानी, जैसे अकाउंट ब्लॉकिंग और पारदर्शिता की कमी।
* स्थानीय स्तर पर कोई शिकायत निवारण तंत्र नहीं।
* स्वास्थ्य सेवा, बीमा और पेंशन योजनाओं से वंचित रहना।
पंकज कुमार सोनी ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगे की हैं:
* सभी गिग वर्कर्स के लिए एकीकृत पंजीकरण शिविर चलाए जाएं, जो e-Shram पोर्टल से जुड़े हों।
* कोरबा में “गिग वर्कर्स जिला कल्याण समिति” का गठन हो, जिसमें प्रशासन, श्रम विभाग, गिग वर्कर प्रतिनिधि और स्थानीय एनजीओ शामिल हों।
* प्लेटफॉर्म कंपनियों को जिले स्तर पर पंजीकरण और जिम्मेदार व्यवहार संहिता अपनाने के निर्देश दिए जाएं।
* गिग वर्कर्स के लिए दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य परीक्षण, ऋण सहायता और न्यूनतम आय गारंटी योजना लागू की जाए।
* एक स्थायी शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किया जाए।
* जिले के शिक्षण संस्थानों में गिग वर्कर्स के लिए डिजिटल स्किलिंग कोर्स शुरू किए जाएं।

ज्ञापन में जिला कलेक्टर और सहायक श्रम आयुक्त से इन समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए, कोरबा जिले के हजारों गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा, गरिमा और आजीविका की रक्षा के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का निवेदन किया गया है। यह पहल गिग वर्कर्स के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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