कोरबा, छत्तीसगढ़: डिजिटल युग में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के मामलों को देखते हुए, लोगों को जागरूक करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक विशेष पहल की है। गुरुवार को एसबीआई की आईटीआई शाखा, रामपुर की ओर से ‘साइबर सतर्कता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य आम जनता को डिजिटल सुरक्षा के महत्व के बारे में शिक्षित करना और उन्हें ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रहने के तरीके बताना है।
यह कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से, पिछले 15 दिनों से संचालित हो रहा है। इस दौरान, एसबीआई और सरकार मिलकर विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक, रामेश्वर प्रसाद, ने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, लोगों का सतर्क और जागरूक रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी वित्तीय हानि का कारण बन सकती है।
नुक्कड़ नाटक और कला जत्था के जरिए जागरूकता
इस जागरूकता अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कला जत्था की टीम द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ थीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से सरल और मनोरंजक तरीके से आम जनता को यह संदेश दिया गया कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। कलाकारों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लॉटरी जीतने या नौकरी देने जैसे आकर्षक प्रलोभनों का उपयोग करके लोगों को ठगते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी संदिग्ध गतिविधि का शिकार होता है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। यह नंबर साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
‘साइबर सतर्कता रथ’ का लक्ष्य
यह ‘साइबर सतर्कता रथ’ कोरबा जिले के अलग-अलग इलाकों में जाएगा और लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देगा। रथ के साथ मौजूद विशेषज्ञ टीम लोगों को बताएगी कि कैसे सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन किया जाए, मजबूत पासवर्ड कैसे बनाए जाएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे सुरक्षित रखा जाए। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को डिजिटल दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेगा।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में आईटीआई रामपुर के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस जागरूकता अभियान की सराहना की और इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह पहल निश्चित रूप से साइबर अपराधों को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
