
कोरबा, – कोरबा पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ कार्यक्रम के तहत आज आईटीआई रामपुर के छात्रावास और कॉलेज में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षा, कानून और आत्मरक्षा के बारे में जागरूक करना था। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
महिला सेल प्रभारी, निरीक्षक भावना खंडारे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 150 छात्राएं शामिल हुईं। टीम में महिला प्रधान आरक्षक बेनेदिक्ता गलोरिया बैंक, महिला आरक्षक प्रतिभा राय, अनुसुइया भानु, बिंदेश्वरी साहू, और समाज सेवी ओमप्रकाश निर्मलकर भी मौजूद थे।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
* गुड टच और बैड टच: छात्राओं को “गुड टच” और “बैड टच” के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी तरह के अनुचित स्पर्श या व्यवहार का विरोध कैसे करें और इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को दें।
* महिलाओं से संबंधित कानून: कार्यशाला में बालिकाओं को उनसे संबंधित विभिन्न कानूनों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और अन्य सुरक्षात्मक कानून शामिल थे। उन्हें बताया गया कि अगर वे किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना करती हैं तो उन्हें क्या कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।
* आत्मरक्षा (मार्शल आर्ट्स): छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए कुछ बुनियादी मार्शल आर्ट्स तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य उन्हें आपातकालीन स्थिति में अपनी सुरक्षा करने के लिए सशक्त बनाना था।
* ऑनलाइन शिकायत प्रणाली: कार्यक्रम में छात्राओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वे बिना किसी डर के पुलिस की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायत कैसे कर सकती हैं।
इस कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब दिया। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि वे हमेशा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं और उन्हें किसी भी परेशानी में मदद मांगने से हिचकिचाना नहीं चाहिए। यह कार्यक्रम कोरबा पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
