
रायपुर, छत्तीसगढ़ — नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की 31 दिन से जारी हड़ताल को अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का समर्थन मिल गया है। एक गैर-राजनीतिक संगठन होने के नाते, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर NHM कर्मचारियों की मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला, तो 18 सितंबर, 2025 को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया जाएगा।

कोविड-19 के दौरान भी कर्मचारियों ने दी सेवाएँ
पत्र में बताया गया है कि लगभग 16,000 संविदा कर्मचारी (डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, और सहायक स्टाफ) राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन ने इस बात पर जोर दिया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी इन कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की।
इसके बावजूद, इन कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उनका शोषण हो रहा है, और उन्हें अनिश्चित रोजगार तथा अपर्याप्त सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित, 25,000 से अधिक कर्मचारी बर्खास्त
संगठन ने बताया कि हड़ताल के कारण टीकाकरण अभियान, पोषण पुनर्वास केंद्र, स्कूल स्वास्थ्य जाँच, और ओपीडी सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
पत्र के अनुसार, सरकार ने 13 अगस्त, 2025 को आयोजित कार्य समिति की बैठक में 4-5 माँगें मान ली थीं, लेकिन आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारी आंदोलन पर अड़े हैं। इसके अतिरिक्त, 25,000 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने NHM कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए इसे केवल कर्मचारियों का संघर्ष नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य हितों की रक्षा का आंदोलन बताया है।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की मुख्य माँगें:
संगठन ने सरकार से निम्नलिखित माँगें पूरी करने की अपील की है:
* संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण (मर्जर) और नौकरी की सुरक्षा।
* पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना।
* ग्रेड पे का सही निर्धारण।
* प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली में सुधार।
* लंबित 27% वेतन वृद्धि का कार्यान्वयन।
* नियमित भर्ती में आरक्षण का पालन।
* करुणामूलक नियुक्ति की व्यवस्था।
* चिकित्सा अवकाश और अन्य अवकाश सुविधाएँ।
* स्थानांतरण नीति का स्पष्ट निर्धारण।
* न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस चिकित्सा बीमा।

तत्काल हस्तक्षेप की अपील
संगठन ने सरकार से अपील की है कि सभी 10 मांगों पर तत्काल आदेश जारी किए जाएँ, बर्खास्तगी और इस्तीफों को तुरंत रद्द किया जाए और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित न हों। पत्र के अंत में, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन सपूतों की पुकार सुनेगी।
इस पत्र से स्पष्ट है कि यह आंदोलन अब केवल NHM कर्मचारियों का नहीं रहा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के विभिन्न संगठनों और जनता का समर्थन प्राप्त कर रहा है। सरकार के लिए यह आवश्यक है कि वह इस मामले में गंभीरता से विचार करे और जल्द से जल्द इसका समाधान निकाले।
