*मवेशी सड़क पर, मौत का खतरा सिर पर: हाईकोर्ट ने कहा- सुरक्षा नहीं तो टोल नहीं*

Thevoicesnews
Thevoicesnews
3 Min Read
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.01_42bc2085
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.04_54eddaa3
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.03_12ad33f5

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नेशनल हाईवे और अन्य सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े और बढ़ते सड़क हादसों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जनहित याचिका के साथ एक हस्तक्षेप याचिका भी दायर की गई, जिसमें बिलासपुर से जांजगीर तक एनएचएआई की सड़कों पर मवेशियों की तस्वीरें और उनकी सुरक्षा में विफलता को उजागर किया गया। याचिका में यह तर्क दिया गया कि अगर एनएचएआई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है, तो टोल वसूलना अनुचित है।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु ने सुनवाई के दौरान कहा कि सड़क पर मवेशियों की समस्या के लिए सिर्फ प्रशासन ही जिम्मेदार नहीं है, आम लोग भी बराबर जिम्मेदार हैं। साथ ही राज्य सरकार से नए मुख्य सचिव की जॉइनिंग का हवाला देते हुए दो सप्ताह में शपथपत्र के साथ रोड मैप पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर के कलेक्टर ने शपथपत्र पेश कर जुलाई से सितंबर तक हुए सड़क हादसों के आंकड़े साझा किए। 14 जुलाई को कोटा के ग्राम बारीडीह में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से 13 गायों की मौत और 4 घायल हुईं। 28 जुलाई को बिल्हा ब्लॉक में एक अज्ञात वाहन ने 19 गायों को कुचला, जिनमें से 18 की मौत हुई। वहीं 17 सितंबर को गतौरा के पास एनएच-130 पर 8 मवेशियों की मौत हुई। इन घटनाओं में चालकों और मवेशी मालिकों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए।

सड़कों पर मवेशियों के जमाव के संवेदनशील स्थानों पर सोलर लाइट लगाई जा रही है। दर्रीघाट और ढेका में इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है। साथ ही इंडिकेटर बोर्ड लगाए जा रहे हैं और ग्राम सभाओं में आवारा पशु प्रबंधन को अनिवार्य एजेंडा बनाया गया है। मवेशी मालिकों के साथ मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

राज्य शासन ने घायल मवेशियों के उपचार के लिए भारत सरकार का टोल-फ्री नंबर 1962 जारी किया है। बिलासपुर जिले में छह मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां सक्रिय हैं। जोगीपुर गौ-अभयारण्य में 205 एकड़ भूमि पर तीन शेड बनाए गए हैं, जिनमें कुल 1,600 वृद्ध मवेशियों को रखा जा सकेगा। इसके अलावा सात नई जगहों पर गौधाम स्थापित करने का प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को भेजा गया है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सड़क पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए बिना टोल वसूलना उचित नहीं है। प्रशासन से रोड मैप और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी आगामी सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा गया है।

Share this Article
Home
Wtsp Group
Search