*एआईसीसी उपाध्यक्ष डॉ. आर.सी. खुटिया का कोरबा प्रवास: “बीजेपी-आरएसएस सिर्फ राजनीति और सत्ता के लिए काम करते हैं, हिंदू धर्म का सबसे बड़ा खतरा जातिभेद है”*

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कोरबा,। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कोरबा जिले के पर्यवेक्षक डॉ. आर.सी. खुटिया अपने कोरबा प्रवास के दौरान मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और कहा कि ये संगठन सिर्फ राजनीति और चुनाव के लिए काम करते हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य सत्ता पर कब्जा करना है।


“बीजेपी और आरएसएस का एजेंडा सिर्फ सत्ता हासिल करना”
मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. खुटिया ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस की दिलचस्पी सिर्फ राजनीति और चुनावों में है। उन्होंने कहा:
> “वे (बीजेपी-आरएसएस) पॉलिटिक्स और इलेक्शन के अलावा और कुछ नहीं जानते हैं। उनको सिर्फ इलेक्शन में जीतना है, पावर कब्जा करना है।”
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उन्होंने महात्मा गांधी के सामाजिक आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि गांधी जी ने अस्पृश्यता के खिलाफ 15 साल तक संघर्ष किया और समाज के सभी दलित, हरिजन, एससी, एसटी लोगों को साथ लाए। उन्होंने सवाल किया कि आरएसएस और बीजेपी ने अपने 100 साल के इतिहास में जातिभेद प्रथा को दूर करने के लिए भारतवर्ष में क्या किया है?


हिंदू धर्म का सबसे बड़ा खतरा: जातिभेद प्रथा
डॉ. खुटिया ने बीजेपी पर “हिंदू धर्म” के लिए काम करने के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि हिंदू धर्म का सबसे बड़ा खतरा जातिभेद प्रथा है।
> “हिंदू धर्म का सबसे बड़ा खतरा है जातिभेद प्रथा। अगर जातिभेद प्रथा दूर हो जाएगा, तो हिंदू धर्म तो ताकतवर बन जाएगा ना? आज भारतवर्ष में हिंदू धर्म का संख्या कम रहे, दैट इज द मेन थिंग। तो ये उनका आरएसएस 100 साल में क्या किया?”
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उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि आरएसएस के सभी प्रमुख नेता ब्राह्मण हैं, और संगठन जातिभेद को दूर करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं कर रहा है।
यूसीसी (UCC) पर सवाल: समान काम के लिए समान मजदूरी क्यों नहीं?
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. खुटिया ने बीजेपी के ‘एक देश, एक सिविल कोड’ (UCC) के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर पूरे देश के लिए समान सिविल कोड हो सकता है, तो समान काम के लिए समान मजदूरी क्यों नहीं हो सकती?
> “वे कहते हैं कि वन कंट्री, वन सिविल कोड। सारा देश के लिए समान नीति होनी चाहिए। तो सारा देश के लिए समान मजदूरों के लिए मजदूरी क्यों नहीं होता है? सभी राज्यों में अगर समान मजदूरी हो जाएगा, तो माइग्रेशन नहीं होगा।”
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उन्होंने तर्क दिया कि जब केरल, दिल्ली या छत्तीसगढ़ में मजदूरों की मजदूरी समान हो जाएगी, तो कोई भी मजदूर पलायन करके बाहर नहीं जाएगा, जिससे श्रमिकों का शोषण रुकेगा।


‘लव जिहाद’ के आरोपों को लेकर भाजपा नेताओं पर हमला
डॉ. खुटिया ने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे को लेकर भी बीजेपी नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के परिवारों का उदाहरण दिया, जिनके बच्चों ने दूसरे धर्मों में शादी की है, और कहा कि जब उनके नेता यह करते हैं तो वह ‘लव जिहाद’ नहीं होता, बल्कि ‘प्यार’ होता है, लेकिन गरीब लोग ऐसा करते हैं तो उसे ‘लव जिहाद’ करार दिया जाता है। उन्होंने ऐसे दोहरे मापदंड को अस्वीकार्य बताया।
कुल मिलाकर, डॉ. आर.सी. खुटिया का कोरबा प्रवास पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और आगामी रणनीति पर मंथन करने के उद्देश्य से रहा, जिसमें उन्होंने बीजेपी और आरएसएस की नीतियों पर मुखर होकर प्रहार किए।

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