कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा में भारी वाहनों की मनमानी के खिलाफ अब स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। शहर के सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्टेडियम बाईपास रोड में लंबे समय से ट्रक चालकों की अव्यवस्था और मनमानी से परेशान लोग आखिरकार विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए। स्थानीय रहवासियों ने सड़क पर बैठकर ट्रक चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और यातायात पुलिस से कड़ी चलानी कार्रवाई करने की मांग की।
दरअसल, ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र की यह सड़क भारी वाहनों के परिवहन के लिए विकसित की गई है, ताकि शहर के मुख्य हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम हो सके। लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां हालात बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। ट्रक चालक इस सड़क को ही अपना अस्थायी ठिकाना बना रहे हैं और रात के समय सैकड़ों ट्रकों को सड़क के दोनों किनारों पर खड़ा कर देते हैं। इसके कारण न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घर के सामने खड़े ट्रक, लोग हो जाते हैं कैद
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि कई बार ट्रक चालक रहवासी घरों के दरवाजों के ठीक सामने गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। ऐसे में घरों में रहने वाले लोग बाहर निकल ही नहीं पाते और कई बार तो लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह जाते हैं।
रहवासियों ने बताया कि कई बार ट्रक चालकों को समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। उल्टा कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
धूल और राखड़ से भी लोग परेशान
सिर्फ ट्रकों की पार्किंग ही नहीं, बल्कि भारी वाहनों के कारण सड़क पर उड़ने वाली धूल और राखड़ भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। ट्रकों के लगातार आवागमन और सड़क किनारे खड़े रहने के कारण हवा में धूल का गुबार बना रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस समस्या का असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी पड़ रहा है। कई लोग खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं।
एक किलोमीटर तक बना रहता है जाम जैसा हाल
बताया जा रहा है कि यह समस्या सीएसईबी चौक से लेकर स्टेडियम तिराहा तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पर बनी रहती है। रात होते ही यहां ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। ऐसे में अगर किसी आपात स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य जरूरी वाहन को गुजरना हो तो काफी मुश्किल हो जाती है।
सड़क पर बैठकर किया विरोध
लगातार बढ़ रही परेशानी से नाराज होकर बुधवार को स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। लोगों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही ट्रक चालकों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने यातायात पुलिस से मांग की है कि सड़क पर अवैध रूप से खड़े ट्रकों पर तुरंत चलानी कार्रवाई की जाए और इस इलाके में ट्रकों की अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगाई जाए।
मौके पर पहुंची पुलिस
स्थिति को बिगड़ता देख सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने ट्रक चालकों को सड़क से वाहन हटाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि अगर ट्रक हटाए नहीं गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक समस्या बनी रहेगी।
स्थायी समाधान की मांग
रहवासियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में ट्रकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए और सड़क किनारे ट्रक खड़े करने पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही नियमित रूप से यातायात पुलिस की निगरानी भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क शहर की महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है और यहां इस तरह की अव्यवस्था प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और यातायात पुलिस इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाते हैं या फिर ट्रक चालकों की मनमानी यूं ही जारी रहती है।
