*13 माह की वानिया की मौत से भड़का आक्रोश; अधीक्षक बोले- ‘बाहर निकलो’, परिजनों ने किया गेट जाम*

Thevoicesnews
Thevoicesnews
3 Min Read
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.01_42bc2085
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.04_54eddaa3
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.03_12ad33f5


कोरबा: कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और संवेदनहीनता की कलई खुल गई है। महज 13 महीने की मासूम वानिया केवट की मौत ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गलत इंजेक्शन और प्रशिक्षु (Trainee) डॉक्टरों की लापरवाही के आरोप में परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया है।


🔴 लापरवाही की पराकाष्ठा: ‘इंजेक्शन लगते ही कोमा में गई बच्ची’
परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि वानिया को इलाज के दौरान एक गलत इंजेक्शन लगाया गया। आरोप है कि वार्ड में मौजूद ट्रेनी डॉक्टरों ने बिना वरिष्ठ चिकित्सक की निगरानी के इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद दूधमुंही बच्ची कोमा में चली गई। माता-पिता की इकलौती संतान ने बीती रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।


कलेक्टर जनदर्शन में लगाई थी गुहार, पर मिली लाश:

 विडंबना देखिए, वानिया के पिता ने कल ही कलेक्टर जनदर्शन में अस्पताल की बदहाली की शिकायत की थी। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन जागेगा और उनकी बेटी बच जाएगी, लेकिन शिकायत के कुछ घंटों बाद ही वानिया इस दुनिया को अलविदा कह गई।

 

🔥 अस्पताल अधीक्षक ने खोया आपा: ‘बाहर निकल जाओ!’
जब गमगीन परिजन और आक्रोशित लोग जवाब मांगने अस्पताल पहुंचे, तो सांत्वना देने के बजाय मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर अपना संयम खो बैठे। वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों पर चिल्लाते हुए कह दिया— “बाहर निकल जाओ यहाँ से, इस हालत में बात नहीं कर सकता।” अधिकारी के इस रुख ने जलती आग में घी का काम किया है। अब आंदोलनकारी केवल बातचीत नहीं, बल्कि दोषियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) और निलंबन की मांग कर रहे हैं।

 

बड़ी बातें: जो व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं
ट्रेनी डॉक्टरों के भरोसे अस्पताल: क्या गंभीर मरीजों और बच्चों का इलाज बिना सीनियर डॉक्टर के प्रशिक्षुओं के भरोसे छोड़ दिया गया है?
अस्पताल गेट पर धरना: बड़ी संख्या में शुभचिंतक और शहरवासी गेट पर बैठ गए हैं, जिससे अस्पताल की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
संवेदनहीनता: एक तरफ मासूम की लाश और दूसरी तरफ प्रबंधन का अहंकार, कोरबा की जनता में भारी रोष देखने को मिला।

Share this Article
Home
Wtsp Group
Search