
कोरबा। गुरुवार को दशहरा पर्व का भव्य आयोजन होना है, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले गुरुवार दोपहर हुई तेज़ बारिश ने तैयारियों पर पानी फेर दिया। नगर निगम द्वारा घंटाघर ओपन थिएटर में लाखों रुपये खर्च कर विशालकाय रावण पुतला खड़ा किया गया था। खास सजावट और मंचन के बीच यह रावण दशहरे का आकर्षण बनने वाला था, लेकिन दोपहर की बरसात और हवा की मार से पुतला धड़ाम से गिर पड़ा।

लोगों का कहना है कि नगर निगम ने पहली बार घंटाघर में बड़े स्तर पर आयोजन की योजना बनाई थी, लेकिन पुतला खड़ा करने की जल्दबाज़ी और तकनीकी लापरवाही उजागर हो गई। अति होशियारी अधिकारियों पर भारी पड़ गई और रावण ज़मीन पर औंधे मुंह गिर गया। बारिश थमने के बाद लोगों की भीड़ मौके पर जुटी और सोशल मीडिया पर निगम की किरकिरी होने लगी।
जानकारों का कहना है कि जिस ढंग से रावण खड़ा किया गया था, उसमें स्थायित्व पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह रहा कि पहली ही बारिश में तैयारियां तहस-नहस हो गईं। अब दशहरे से पहले निगम को रात-दिन मेहनत कर फिर से पुतला खड़ा करना पड़ रहा है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को हर हाल में दशहरा पर्व का आयोजन किया जाएगा और नया पुतला समय रहते तैयार कर लिया जाएगा। लेकिन गुरुवार को हुई इस घटना ने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी है और लोगों के बीच निगम की तैयारी और जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।
