कोरबा/छ.ग.मे और पुरे भारत मे बीजेपी सरकार ने युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का वादा किया था। जिसके तहत बहुत सी योजनाये सरकार ने चलाई हैं, कहीं बढ़िया कंपनी मे इंटर्नशिप से स्कील बढ़ा रहे तो कहीं मुद्रा लोन से स्वरोजगार.

किन्तु छ ग मे एक अलग हीं मसला निकल कर सामने आया है यहाँ पशु चिकित्सा विभाग मे संविदा मे कार्यरत 26 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को सेवा समाप्ति के आदेश थमा कर बेरोजगार किया जा रह है।

एक ओर जहाँ पुरे प्रदेश मे पशु चिकित्सा विभाग अधिकरी/कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है तो दूसरी ओर संविदा मे सेवरत कर्मियों को निकाल कर और भी दुर्गति करने की तैयारी है। शासन वैसे भो नई भर्ती तो कर नहीं रही कार्यरत को निकाल कर और बेरोजगार बनाये जा रहे हैं।

विदित है की पशु चिकित्सा विभग मे avfo के कुल स्वीकृत पद 75 के विरुद्ध केवल 34 हीं कार्यरत हैं ऐसे मे विभाग जैसे तैसे काम कर रहा था।
विगत वर्ष dmf अंतर्गत 27 avfo को नियुक्ति देकर कुछ दुरस्त संस्थाओ को भरा गया जिससे चिकित्साकीय सुविधा मे कुछ सुधार आयने लगा था
किन्तु एकाएक हीं सेवा समाप्ति आदेश जारी क्र फिये गए.
इससे सेवारत कर्मी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं तो पशुपालको के लिए स्थिति फिर से दुभर होने वाली है
जबकि अन्य विभागों यहाँ तक अन्य जिले के पशु चिकित्सा विभाग अभी भी संविदा जारी है। बगल के जिले जांजगीर मे तो 15अप्रैल को हीं सेववृद्धि आदेश जारी कर 6 माह सेवा बढ़ायी गयी है।
अब राज्य के खनिज न्यास मे बाहुल्य जिले मे ऐसी क्यक परिस्थिति बनी कि सेवा समाप्ति की जरुरत आन पड़ी ये तो जिलाधीश हीं बता सकते हैं।क्या सुशासन तिहार मे in कर्मियों को कोई लाभ होगा या ये कार्यक्रम केवल नाम मात्र का रह जायेगा। आज इन सभी ने माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन सौंप कर गुहार लगाई है । अब देखिए कि क्या रोजगार मिलता है या बेरोजगारी।
