
कोरबा, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, श्रम मंत्री और अन्य नेताओं के कट आउट को पशु ट्राली (काऊ कैचर वाहन) में परिवहन किए जाने के गंभीर मामले को कोरबा नगर निगम के आयुक्त ने महापौर के निर्देश पर गंभीरता से लिया है। यह घटना दूसरी बार दोहराई गई है, जिसके बाद तीन अधिकारियों से 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
🚨 क्या है पूरा मामला?
राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ओपन थिएटर में 2 से 4 नवम्बर तक होने वाले राज्योत्सव कार्यक्रम के लिए नेताओं के कट आउट को स्थल पर लगाने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान, इन कट आउट्स को पशु ट्राली (काऊ कैचर वाहन) में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया।
* पुनरावृत्ति: ऐसी घटना दूसरी बार हुई है। इससे पहले 11 सितम्बर 2025 को भी यही गलती दोहराई गई थी, जिसके बाद चेतावनी दी गई थी।
* गंभीर लापरवाही: निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने इस कृत्य को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही तथा छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना है।

👥 इन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार
इस मामले में जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वे हैं:
* उप अभियंता अश्विनी दास: इन्हें राज्योत्सव स्थल पर होर्डिंग लगाने का दायित्व सौंपा गया था।
* स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाईत: ये पशुओं वाले काऊ कैचर वाहन के प्रभारी हैं।
* उप अभियंता अभय मिंज: ये निगम के वाहन शाखा में वाहनों की मॉनिटरिंग करने के प्रभारी हैं।
इन तीनों की जानकारी में ही नेताओं के कट आउट का परिवहन पशु ट्राली में किया गया। आयुक्त ने इन तीनों अधिकारियों को 48 घंटे का समय दिया है।
🗣️ महापौर ने जताई नाराज़गी
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की घोर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
