
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ गया। जिले के अत्याधुनिक नवीन कार्यालय ‘अटल स्मृति भवन’ का भूमिपूजन एवं शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कर-कमलों द्वारा भव्य समारोह में संपन्न हुआ।

लगभग 1 एकड़ 68 डिसमिल में बनने वाला यह कार्यालय न केवल संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र होगा, बल्कि भाजपा की विचारधारा और जनसेवा के संकल्प का एक सशक्त प्रतीक बनेगा।

कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतीक: मुख्यमंत्री
शिलान्यास के पश्चात जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “अटल स्मृति भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं के पसीने, समर्पण और संकल्प का परिणाम है। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकर्ताओं के अंशदान से बनने वाला यह भवन सुशासन और अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।” उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी और उनकी पूरी टीम की सराहना की।

विचारधारा और राष्ट्र निर्माण का केंद्र
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस अवसर पर कहा कि यह भवन आने वाले समय में राष्ट्र निर्माण और संगठन विस्तार की गतिविधियों का मुख्य आधार बनेगा। वहीं, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने भवन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका नामकरण भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान में किया गया है। उन्होंने पुराने कार्यालय के इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1991 में तत्कालीन अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल जी ने पुराने कार्यालय की नींव रखी थी, और आज यह नया भवन आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप “राष्ट्र प्रथम” की भावना को और मजबूती देगा।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में प्रदेश और जिले के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा रहा, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
किरण सिंहदेव (प्रदेश अध्यक्ष)
सरोज पांडेय (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
अजय जमवाल (क्षेत्रीय संगठन महामंत्री)
राजेश अग्रवाल एवं लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री)
प्रेमचंद पटेल (विधायक, कटघोरा)
संजू देवी राजपूत (महापौर) एवं पवन सिंह (जिला पंचायत अध्यक्ष)
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया कार्यालय
नया जिला कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण, वैचारिक विमर्श और जनसमस्याओं के निवारण हेतु सर्वसुविधायुक्त होगा। समारोह में जिले भर से आए हजारों कार्यकर्ताओं के उत्साह और अनुशासन ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
