
कोरबा: जिला प्रशासन परिसर में एक नगर सैनिक (होमगार्ड) ने अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़ित संतोष पटेल को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

संतोष पटेल के पास से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने जिला सेनानी अनुज एक्का और संभागीय कमांडेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में लिखा है, “नगर सेना विभाग में सैनिक के पद पर पदस्थ जिला सेनानी अनुज एक्का और संभागीय कमांडेंट की प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ सेवन कर जान दे रहा हूं। समस्या पहले भी जिला प्रशासन के समक्ष रखी, बैठक हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला। 17 अक्टूबर तक मुझे अकेले बुलाकर मानसिक दबाव बनाया गया और बर्खास्तगी की धमकी दी गई। जिला सेनानी ने कहा, ‘तुम लोग मेरे खिलाफ नेतागिरी कर रहे हो।
‘”मेडिकल कॉलेज के डॉ. चंद्रकांत भास्कर ने बताया, “मरीज को लाते ही स्टमक वॉश किया गया और उपचार शुरू हुआ। फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।”घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में नगर सैनिक जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कुछ दिन पहले ही जिला सेनानी के खिलाफ महिला सैनिकों ने विशाखा समिति में कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले राजनांदगांव में भी एक नगर सैनिक ने आत्महत्या की थी।पुलिस सुसाइड नोट और अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रही है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने नगर सेवा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
