कोरबा में एक बार फिर आम लोगों के लिए सस्ते और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड शहर के खरमोरा क्षेत्र में फ्लैट सिस्टम के तहत एक बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट विकसित करने जा रहा है। इसके लिए लगभग 5 एकड़ भूमि का आबंटन मंडल को मिल चुका है। इस जमीन पर हाउसिंग बोर्ड 6 मंजिला लिफ्टयुक्त आधुनिक बिल्डिंगों का निर्माण करेगा, जिनमें ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), एलआईजी (निम्न आय वर्ग) और जूनियर एमआईजी श्रेणी के कुल लगभग 370 आवास प्रस्तावित हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य कोरबा के मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। हाउसिंग बोर्ड का यह नया प्लान न सिर्फ शहर के तेजी से बढ़ते आवासीय दबाव को कम करेगा, बल्कि खरमोरा जैसे उभरते इलाके को भी बेहतर शहरी ढाँचे से जोड़ने का काम करेगा।
22 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग
हाउसिंग बोर्ड ने बताया है कि इन मकानों की बुकिंग 22 नवंबर से रायपुर में आयोजित होने वाले ‘आवास मेला’ में शुरू होगी। आवास मेला हर साल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है, और इस बार कोरबा के इस प्रोजेक्ट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल सकता है। प्रारंभिक तौर पर उम्मीद है कि बुकिंग के लिए आय वर्ग और आवंटन के नियमों की विस्तृत जानकारी मेला स्थल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
दो साल में पूरा होगा पूरा प्रोजेक्ट
सूत्रों के अनुसार, बुकिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद हाउसिंग बोर्ड का लक्ष्य है कि करीब दो वर्षों में सम्पूर्ण प्रोजेक्ट तैयार कर लिया जाए। निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का ध्यान रखा जा सके।
आवासीय परिसर में मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएँ
हाउसिंग बोर्ड ने इस परियोजना को आधुनिक लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है। प्रस्तावित फ्लैट परिसर में—
- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स,
- खेल मैदान,
- गार्डन,
- चाइल्ड प्ले एरिया,
- अंदरूनी सड़कें और पार्किंग,
- पेयजल और ड्रेनेज सिस्टम,
जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य है कि निवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल मिल सके।
कोरबा ज़ोन के कार्यपालन अभियंता योगेश पटेल ने बताया कि आवास योजना को लेकर जिले के लोगों में काफी रुचि है और हाउसिंग बोर्ड इसे एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। शहर की बढ़ती आबादी और आवास की मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों में कोरबा के आवासीय विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हो सकती है।
