
कोरबा/नाबालिग के सुसाइड के मामले में नया खुलासा हुआ है मृतक के मोबाइल में पुलिस को सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने प्रताड़ना की बात लिखी है। पुलिस ने मामले में नए एंगल से जांच शुरू कर दी है। दरअसल कोरबा शहर के पंप हाउस झोपड़ी पारा में गुरुवार को 17 वर्षीय किशोर शुभम साहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने मोबाइल में एक सुसाइड नोट लिखकर तीन युवकों शुभम तिवारी, आशीष कदम व एक अन्य को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। ये लोग उसे परेशान कर रहे थे, जीना हराम कर दिए, इधर-उधर जाना बंद कर दिए हैं, ऐसा लेख सुसाइड नोट में लिखा जाना बताया गया है।

शुभम के पिता मुकेश कुमार साहू ने बताया कि उसका बेटा जानवरों से बहुत प्यार करता था और ‘पैट शॉप’ में काम करता था, जहां वह डॉग, कैट, बर्ड्स और फिश की देखभाल करता था।पिता का कहना है कि शुभम ने मोबाइल में सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने तीन युवकों द्वारा लगातार परेशान किए जाने का जिक्र किया है। शुभम ने सुसाइड नोट में लिखा, ये लोग मुझे परेशान कर रहे हैं। मेरा जीना हराम कर दिए हैं। मेरा इधर-उधर जाना बंद कर दिए हैं।सुसाइड नोट में शुभम तिवारी और आशीष कदम के नाम सामने आए हैं। पुलिस वाला सुसाइड नोट जल्दी-जल्दी पढ़े जाने के कारण वह तीसरे युवक का नाम नहीं सुन पाया। पिता ने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पूछताछ में पता चला है कि मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। मृतक शुभम पेट शॉप में काम करता था, वहां सैलरी नहीं मिलती थी। उसके चेक को लेकर उसे ब्लैकमेल करते थे। हालांकि सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल, सीएसईबी चौकी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक का दो मोबाइल जब्त कर लिया है जो उज़के कमरे में बिस्तर और मृतक के पहने हुए पैंट की जेब से मिला था। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
