
कोरबा, छत्तीसगढ़।
“भगवान भरोसे” सिर्फ कहावत नहीं, कोरबा जिले के विद्युत विभाग की हकीकत बन चुकी है। जहां आम जनता बिजली कटौती से परेशान है, वहीं विभाग के कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
हाल ही में सामने आई तस्वीर ने व्यवस्था की जमीनी सच्चाई सामने रख दी है। इसमें एक लाइनमैन को पुरानी, जर्जर लकड़ी की सीढ़ी के सहारे खंभे पर चढ़कर काम करते देखा गया है। न तो उसे सेफ्टी बेल्ट दी गई है, न हेलमेट, न इंसुलेटेड दस्ताने — ऐसा प्रतीत होता है जैसे उसकी जान की कोई कीमत ही नहीं।

यह हाल तब है जब अधिकारियों को बार-बार पत्राचार कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन जवाब वही घिसा-पिटा: “ऊपर से आदेश आने पर ही कुछ होगा।” अधिकारियों की इस संवेदनहीनता के कारण जमीनी कर्मचारी हादसों के मुहाने पर खड़े हैं।

कर्मचारियों और उनके परिवारों की ओर से मांग की गई है कि विभाग सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करे, और हर कर्मचारी को न्यूनतम सुरक्षा संसाधन मुहैया कराया जाए। अगर कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

सिदार सर, आपसे खास अनुरोध है कि इन तस्वीरों को देखिए, क्योंकि ये सिर्फ एक कर्मचारी की नहीं, पूरी व्यवस्था की तस्वीर है।
