
कोरबा,: कोरबा शहर के बीचों-बीच निहारिका मुख्य मार्ग के पास उस वक्त बड़ा हादसा टल गया जब तेज रफ्तार रेत से भरे एक टिप्पर का पहिया जोरदार धमाके के साथ फट गया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और राहगीरों व बाइक सवारों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। यह घटना एक बार फिर शहर में खुलेआम चल रही अवैध रेत तस्करी की पोल खोलती है।

हादसे के बाद मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे लोग
जानकारी के मुताबिक, रेत से लदा यह टिप्पर तेज रफ्तार में निहारिका मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। अचानक टिप्पर का एक टायर भीषण आवाज के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद कई राहगीर और बाइक सवार बाल-बाल बच गए। अगर यह हादसा कुछ और बड़ा होता तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

जिला प्रशासन को ठेका दिखाकर हो रही है अवैध तस्करी!
इस घटना ने एक बार फिर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि रेत माफिया जिला प्रशासन को ठेके का बहाना बनाकर धड़ल्ले से अवैध रेत की तस्करी कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने सभी रेत घाटों को बंद करा दिया है, इसके बावजूद शहर में रेत का अवैध कारोबार जोरों पर है।
जब इस संबंध में खनिज जिला अधिकारी से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। अधिकारी का यह बयान जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण की कमी को दर्शाता है।

अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने में नाकाम प्रशासन
शहर के बीचों-बीच इस तरह से रेत से भरे टिप्पर का चलना और उसका टायर फटना यह साबित करता है कि रेत माफिया बिना किसी डर के अपना कारोबार चला रहे हैं। जिला प्रशासन की तमाम पाबंदियों और दावों के बावजूद रेत की अवैध तस्करी धड़ल्ले से जारी है। यह घटना इस बात का भी प्रमाण है कि प्रशासन अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
जनता ने जिला प्रशासन से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेने और अवैध रेत कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और पर्यावरण को भी बचाया जा सके।
