
कोरबा : महिला की अधजली लाश की मामले में पुलिस के हाथ आरोपी तक लग गए है। कातिल और कोई नहीं बल्कि मृतिका का ही वो शिक्षक आशिक है जो महिला को लंबे समय से लिव इन में रखा हुआ था। दरअसल कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र में रावा गांव के नजदीक राम टोक पहाड़ पर तीन दिन पहले एक महिला की अधजली लाश बरामद की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतका की पहचान 28 वर्षीय शशि कला के रूप में की। शशि कला ग्राम लाद की निवासी थी, जिसका विवाह लगभग छह वर्ष पूर्व हुआ था। विवाह के 15 दिनों के भीतर ही वह ससुराल छोड़कर मायके आ गई और फिर अपने पूर्व शिक्षक मिलन दास के साथ कटघोरा में किराए के मकान में रहने लगी।

अवैध संबंध और हत्या की कहानी
सूत्रों के मुताबिक मिलन दास, जो एक शिक्षाकर्मी था, ने शशि कला को पढ़ाने के दौरान ही उसके साथ अवैध संबंध बना लिए थे। बाद में उसने शशि का विवाह कराया, लेकिन वह 15 दिन में ही ससुराल छोड़कर वापस आ गई और मायके जाने के बजाय मिलन दास के साथ रहने लगी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और अंततः 27 फरवरी को हुए झगड़े में मिलन दास ने अपनी कथित प्रेमिका शशि कला को पीट-पीट कर मार डाला। हत्या के बाद, मिलन दास ने अपने ड्राइवर की मदद से शव को गाड़ी में रखा और रावा के नजदीक राम टोक पहाड़ पर ले जाकर जलाने का प्रयास किया। हालांकि, लाश पूरी तरह जल नहीं पाई और पुलिस को शव बरामद हुआ।

शशि कला के भाई अशोक गौड़ ने बताया कि वह अक्सर कटघोरा जाकर अपनी बहन से मिला करता था। 27 फरवरी को भी वह अपनी बहन से मिलने गया, लेकिन वह नहीं मिली। जब उसने मिलन दास से पूछा, तो उसने भी अनभिज्ञता जताई। जब अशोक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो मिलन दास ने उसे रोकने की कोशिश की। बावजूद इसके, अशोक ने पुलिस को बहन के लापता होने की सूचना दे दी।

बाद में, जब पहाड़ पर मिली अधजली लाश की पहचान के लिए मृतका के हाथ में पहने गए ब्रेसलेट और अन्य चीजें दिखाई गईं, तो अशोक ने तुरंत उसे पहचान लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक मिलन दास को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ हत्या और शव को नष्ट करने के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य सबूत एकत्र कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
