
कोरबा: ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ यूनिटी मार्च के भव्य आयोजन के बीच कोरबा के CSEB चौक पर एक ऐसा मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने ड्यूटी और मानवता के वास्तविक अर्थ को दर्शाया और सभी उपस्थित लोगों के दिलों को छू लिया।
📸 आज का ‘फोटो ऑफ द डे’
जहां एक ओर शहर में 10 किलोमीटर लंबी रैली के चलते लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने में हो रही देरी से परेशान थे, वहीं कोरबा पुलिस के एक यातायात जवान ने अपनी आधिकारिक ड्यूटी से ऊपर उठकर इंसानियत का परिचय दिया।
मामला CSEB चौक का है, जो रैली मार्ग पर स्थित है। व्यस्त ट्रैफिक और मार्च की गहमागहमी के बीच एक वृद्ध महिला सड़क पार करने में असमर्थ दिख रही थीं।
ड्यूटी से ऊपर इंसानियत:
तभी, भीड़ और वाहनों को नियंत्रित कर रहे यातायात जवान की नजर उन पर पड़ी। बिना समय गंवाए, वह तुरंत उस बुजुर्ग महिला के पास पहुँचे। उन्होंने न केवल महिला का हाथ थामा, बल्कि उन्हें पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ व्यस्त सड़क पार कराई।
यह छोटा-सा कार्य, बड़े आयोजनों के बीच मानवीय संवेदना का एक शक्तिशाली उदाहरण बन गया।
🌟 फर्ज और दिल का नजारा
> प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया:
> “एक तरफ बड़े नेताओं की रैली थी और लोग ट्रैफिक जाम से जूझ रहे थे, लेकिन जब हमने उस पुलिस कर्मचारी को इतने प्यार और सम्मान से उस वृद्ध महिला की मदद करते देखा, तो दिल भर आया। यह सच्ची ‘सेवा’ है।”
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इस नजारे को देखकर मौके पर मौजूद कई लोगों ने जवान की प्रशंसा की। वर्दीधारी इस सिपाही के इस कृत्य को फर्ज और मानवता का उत्कृष्ट संगम माना जा रहा है और यह पल आज शहर का ‘फोटो ऑफ द डे’ बन गया है।
यह घटना यह साबित करती है कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा और संवेदनशीलता भी है।
