कोरबा। औद्योगिक क्षेत्र कोरबा में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। किरायेदारों, होटल-लॉज में ठहरने वालों और फेरीवालों की सटीक जानकारी थाना-चौकी में जमा करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस अभियान को ‘मिशन मुसाफिर’ नाम दिया गया है, जिसके तहत हर मकान मालिक, होटल संचालक और लॉज मालिक को अपने किरायेदारों व ठहरने वालों की पूरी डिटेल पुलिस को सौंपनी होगी।

सीएसपी भूषण एक्का ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है। मकान मालिकों, होटल-लॉज संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किराए पर रहने वालों की पहचान सुनिश्चित करें और उनकी जानकारी पुलिस के पास जमा करें। यदि कोई मकान मालिक या होटल संचालक ऐसा नहीं करता है और भविष्य में किरायेदार किसी अपराध में शामिल पाया जाता है, तो मकान मालिक के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सावधान रहें, वरना होगी कार्रवाई!
किराएदारों की पूरी जानकारी (नाम, पता, मूल निवास, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड) संबंधित थाना-चौकी में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना पुलिस को तुरंत दें।
जानकारी न देने पर मकान मालिक और होटल संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।

कोरबा पुलिस की अपील…
सीएसपी भूषण एक्का ने अपील की है कि शहर की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए जनता भी पुलिस का सहयोग करे और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी थाना-चौकी को दें। मिशन मुसाफिर के तहत कोरबा पुलिस हर क्षेत्र में किराएदारों की सघन जांच कर रही है, ताकि अपराधियों को शहर में छिपने का कोई मौका न मिले।
