
कोरबा: कोरबा जिले अंतर्गत NTPC के धनरास राखड़ डेम में ग्रामीणों ने आज काम बन्द करा दिया, जिससे राखड़ डेम स्टोरेज से परिवहन कर रहे लगभग 200 वाहन प्रभावित हुए, लगभग 3 घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा युवा कांग्रेस की अगुवाई मे यह प्रदर्शन किया गया, ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाये, कहा की प्रसासन NTPC कम्पनी कों सरक्षण दे रहा। धूल डस्ट से परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि NTPC प्रबंधक लंबे समय से लोगों के सामाजिक और आर्थिक हितों को लेकर लापरवाही बरत रहा है। प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगारों को NTPC प्रबंधन न ही रोजगार दे रहा है और न ही फसलों की बर्बादी पर मुआवजा दे रहा, साथ ही उनके जल स्रोत से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा, इन तमाम मुद्दों कों लेकर ग्रामीणों ने NTPC के खिलाफ नारे बाजी करते हुए जमकर विरोध किया। धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर कटघोरा पुलिस, दर्री तहसीलदार व NTPC के उपप्रबंधक मौजूद रहे। वहीं तहसीलदार एम एस राठिया ने ग्रामीणों कों अस्वासन दिया की आगामी 18 दिसम्बर कों NTPC मे कार्य कर रहे विभिन्न कम्पनीयों की बैठक रखी जाएगी और जो ग्रामीणों की मांगे है उन्हें पूरी की जाएगी।

ग्रामीण सत्य प्रकाश देवांगन ने बताया कि उनके गांव में दम स्थापित हुए 30 वर्ष हो गए हैं लेकिन अभी तक किसी को ना ही रोजगार दिया गया है और ना ही एनटीपीसी के द्वारा किसी को संरक्षण दिया गया है। आगे बताया कि वे इस मांग को लेकर कई बार हड़ताल कर चुके हैं, जहां हड़ताल समाप्त करने के लिए सिर्फ नाम मात्र आश्वासन दे दिया जाता है और फिर आगे कोई कार्यवाही नहीं की जाती। प्रशासन अधिकारी के साथ विधायक भी मौके पर पहुंचते हैं लेकिन फिर भी इस समस्या का हल नहीं निकलता। डेम से निकलने वाले रखड़ से ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानी होती है। उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, लोग बीमार हो रहे हैं। इसके बाद भी एनटीपीसी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

दर्री तहसीलदार एमएस राठिया ने बताया कि ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे। आगे बताया कि ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि 2022-23 में सीपेज के कारण जो फसलों को नुकसान हुआ उसका मुआवजा देने की। 2. धनरास में राखड़ परिवहन हो रहा है वहां के स्थाई लोगों को रोजगार मिले। 3. 2020-21 में सीपेज के कारण होने वाले नुकसान का मुआवजा की मांग। इनमें से 2022-23 का मुआवजा प्रकरण तैयार हो चुका है, वहीं जो रोजगार के मुद्दे हैं इसके लिए 18 दिसंबर को मीटिंग रखा गया है जहां ग्रामीणों के समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
