
कोरबा।पुलिस को अब सिर्फ अपराधियों की धरपकड़ तक सीमित नहीं रखा जाएगा। बदलते समय और परिस्थितियों को देखते हुए कोरबा पुलिस अब आमजन और सहकर्मियों की आपात स्थितियों में मदद करने के लिए भी तैयार की जा रही है। इस दिशा में पहल करते हुए पुलिसकर्मियों को नर्सिंग, प्राथमिक चिकित्सा और फायर सेफ्टी जैसे विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

औद्योगिक जिला होने के कारण कोरबा में आए दिन सड़क दुर्घटनाओं, खदान और संयंत्रों में हादसों, आंदोलन और धरना-प्रदर्शनों जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों में पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहना पड़ता है। कई बार इन घटनाओं के दौरान पुलिस कर्मी, आंदोलनकारी या आम नागरिक घायल हो जाते हैं, और प्राथमिक उपचार या मदद मिलने में देरी होती है।

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कोरबा पुलिस ने एक अभिनव कदम उठाया है। अब जिले के पुलिसकर्मियों को आपातकालीन स्थितियों में तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। रक्षित केंद्र में तैनात महिला एवं पुरुष आरक्षकों का चयन कर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसमें मरहम पट्टी करना, इंजेक्शन देना, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और अन्य प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी जा रही है।

इसके अलावा नगर सेना के दमकल विभाग द्वारा भी पुलिसकर्मियों को फायर एंड सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आगजनी की घटनाओं में दमकल कर्मियों के आने तक तत्काल कदम उठाया जा सके।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को जिले के विभिन्न थाना-चौकियों और पुलिस लाइन में तैनात किया जाएगा। ताकि किसी भी क्षेत्र में दुर्घटना, आगजनी या हिंसक प्रदर्शन की स्थिति में ये जवान तुरंत राहत कार्य शुरू कर सकें।

यह पहल न केवल पुलिस की दक्षता को बढ़ाएगी, बल्कि आमजनता और पुलिस के बीच भरोसे को भी मजबूत करेगी। अब पुलिसकर्मी घटनास्थल पर केवल व्यवस्था बनाने नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर जान बचाने भी पहुंचेंगे।
पुलिस विभाग की इस अनूठी पहल से तीन प्रमुख लाभ होंगे:
1. प्राथमिक उपचार की तत्काल उपलब्धता – घायल व्यक्तियों को तुरंत मदद मिल सकेगी।
2. अग्निकांड पर शीघ्र नियंत्रण – आग फैलने से पहले ही कार्रवाई संभव हो सकेगी।
3. पुलिस-जन सहयोग में वृद्धि – जनता और पुलिस के बीच विश्वास एवं तालमेल बढ़ेगा।
कोरबा पुलिस की यह बहुआयामी पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां पुलिस केवल कानून व्यवस्था की नहीं, बल्कि जीवन रक्षक भूमिका भी निभाएगी।
