कोरबा के बुधवारी महाराणा प्रताप चौक पर मंगलवार शाम उस वक्त हंगामा मच गया जब दो पक्ष किसी बात पर आपस में भिड़ गए। पहले दोनों में तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। देखते ही देखते सड़क पर अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में 112 की टीम वहां पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश करने लगी।

हालांकि, पुलिस के सामने ही दोनों गुटों ने फिर से बहस और झगड़ा शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के इस आक्रामक रवैये ने यह साबित कर दिया कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। स्थिति बिगड़ती देख 112 की टीम ने पुलिसिया अंदाज में समझाइश दी और दोनों को कड़ी चेतावनी दी। इसके बाद मामला शांत हुआ और पुलिस ने दोनों पक्षों को मानिकपुर थाने भेज दिया।

इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों लोग पुलिस की मौजूदगी में भी कानून हाथ में लेने से नहीं डरते? क्या पुलिस का खौफ अब खत्म होता जा रहा है? ऐसे मामलों में पुलिस को और सख्ती बरतने की जरूरत है ताकि लोग सड़क पर इस तरह खुलेआम झगड़ा करने से पहले कानून का सम्मान करें। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
