*मजबूरी की इंतहा: कोरबा में दो वक्त की रोटी के लिए जान जोखिम में डाल रही महिलाएं*

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कोरबा: छत्तीसगढ़ के ऊर्जा धानी कहे जाने वाले कोरबा जिले से एक विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है। यह वीडियो जिले के व्यस्त सर्वमंगला फाटक का है, जो गरीबी और पेट की आग की एक भयानक तस्वीर पेश करता है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला अपनी जान की परवाह किए बिना चलती मालगाड़ी के समानांतर खड़ी है। उसके हाथ में एक लंबा डंडा है, जिसके सहारे वह ऊपर लदे कोयले को नीचे गिराने की कोशिश कर रही है। आसपास से तेज रफ्तार में दूसरी ट्रेनें गुजर रही हैं और मालगाड़ी की चपेट में आने का सीधा खतरा बना हुआ है, लेकिन गरीबी का डर शायद मौत के डर से कहीं अधिक बड़ा है।

चूल्हा जलाने की जद्दोजहद
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दृश्य यहाँ नया नहीं है। आसपास की बस्तियों में रहने वाली कई महिलाएं और बच्चे इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ियों से कोयला गिराते हैं। इस कोयले का उपयोग वे अपने घर का चूल्हा जलाने और भोजन पकाने के लिए करते हैं। साधनहीनता और महंगाई के इस दौर में, एक वक्त का खाना जुटाने के लिए ये लोग मौत से खेलने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक अनदेखी?
सर्वमंगला फाटक जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह की गतिविधियां न केवल इन महिलाओं के लिए जानलेवा हैं, बल्कि रेलवे के परिचालन के लिए भी सुरक्षा का बड़ा खतरा पैदा करती हैं। सवाल यह उठता है कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है?
क्या विकास की इस दौड़ में ये लोग इतने पीछे छूट गए हैं कि इन्हें बुनियादी ईंधन के लिए भी अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही है? यह वीडियो शासन और प्रशासन के उन दावों पर भी सवालिया निशान लगाता है जो हर घर तक उज्ज्वला योजना और सस्ता अनाज पहुँचाने की बात करते हैं।

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