कोरबा। मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल (SECL) की मानिकपुर खदान में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ लगभग 170 फीट गहरी खदान में गिरने से एक 42 वर्षीय ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कोयला चोरी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, कुदारी गांव निवासी भगत कुमार मरावी (42 वर्ष) बुधवार की दोपहर कोयला निकालने के लिए खदान की ओर गया था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने या मिर्गी का दौरा पड़ने की आशंका के चलते वह सिर के बल करीब 170 फीट नीचे जा गिरा। खदान की गहराई और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जब भगत देर रात तक घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने खदान की गहराई में उसका शव देखा, जिसके बाद तत्काल मानिकपुर चौकी पुलिस को सूचना दी गई।

कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया शव
सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। खदान की अत्यधिक गहराई होने के कारण शव को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू के बाद शव को एंबुलेंस के जरिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया गया।
परिवार का इकलौता सहारा था भगत
मृतक भगत कुमार मरावी शारीरिक रूप से दिव्यांग था और उसे मिर्गी की बीमारी भी थी। वह अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। माता-पिता का साया पहले ही उसके सिर से उठ चुका था। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
SECL की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस हादसे ने SECL मानिकपुर खदान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। खदान से सटे इलाके जैसे कुदरी, रापाखरा, ढेलवाडीह, दादर, भिलाई खुर्द और सीतामणी से लगातार कोयला चोरी की खबरें आती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- चोरी किया गया कोयला छोटे होटलों, ढाबों और बस्तियों में खपाया जाता है।
- बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध सप्लाई कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों में की जा रही है।
- इतनी बड़ी खदान होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी पर अब गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद सुरक्षा में चूक कैसे हुई।

