*मौत के बाद अपनों ने मोड़ा मुंह! कोरबा मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में दो दिनों से लावारिस पड़ी है ‘सत्यम’ की लाश*

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*कोरबा।* रिश्तों की डोर कितनी कमजोर हो सकती है, इसकी एक हृदयविदारक तस्वीर कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सामने आई है। यहाँ की मर्चुरी (शवगृह) में पिछले 48 घंटों से एक युवक का शव अपने परिजनों की राह देख रहा है, लेकिन अफसोस कि अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक कोई उसे अपना कहने नहीं पहुंचा है।

इलाज के दौरान तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सत्यम (पिता: शिवरतन) के रूप में हुई है, जो कटघोरा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। सत्यम को बीते 10 फरवरी 2026 को गंभीर हालत में 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह लिवर डैमेज, किडनी फेलियर और सिकलिन जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहा था। डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

*अस्पताल में पसरा सन्नाटा, तलाश में जुटी पुलिस*
सत्यम की मौत के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन और अस्पताल चौकी पुलिस उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। मर्चुरी के ठंडे बस्ते में रखे सत्यम के शव को अब तक उसका कोई वारिस नसीब नहीं हुआ है।
*पुलिस की कार्रवाई:* कटघोरा पुलिस और जिला अस्पताल चौकी के माध्यम से परिजनों का सुराग लगाया जा रहा है।
*प्रबंधन की अपील:* अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई इस युवक या उसके परिवार को जानता है, तो तत्काल अस्पताल चौकी में सूचना दे।

*बड़ा सवाल:* क्या बीमारी और गरीबी ने अपनों के बीच इतनी दूरी पैदा कर दी कि मौत के बाद दो गज जमीन और अपनों का कंधा मिलना भी दूभर हो गया? फिलहाल, सत्यम का शव एक अदद पहचान और अपनों के इंतजार में मर्चुरी की दीवारें तक रहा है।

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