भारत में यूट्यूब, शॉर्ट्स के Monetization से गूगल को भविष्‍य के लिए काफी उम्‍मीद

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गूगल के स्वामित्व वाला यूट्यूब अधिकांश भारतीयों के लिए स्ट्रीमिंग के साथ-साथ कंटेंट क्रिएट करने के लिए एक प्रमुख विकल्प बन गया है। तकनीकी दिग्गज अब बड़े पैमाने पर मंच का मौद्रीकरण करने की प्रक्रिया में है। साथ ही निर्माता की आमदनी दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ाने में भी मदद कर रहा है। यूट्यूब अब भारत में हर पांच ऑनलाइन लोगों में से चार का पसंदीदा मंच बन गया है।इसके शॉर्ट-वीडियो-मेकिंग ऐप शॉर्ट्स की लोकप्रियता भी बढ़ी है। देश में 18 से 44 वर्ष के 96 प्रतिशत लोग यूट्यूब शॉर्ट्स का उपयोग करते हैं। कंपनी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर औसतन 70 अरब दैनिक व्यूज के साथ भारतीय दर्शकों के बीच यूट्यूब शॉर्ट्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। या। इससे पहले, क्रिएटर्स को प्लेटफ़ॉर्म पर केवल लंबे वीडियो से कमाई होती थी। देश में पिछले 12 महीनों में टीवी पर शॉर्ट-वीडियो कंटेंट देखने वाले 88 प्रतिशत ऑनलाइन लोग 18-44 साल के थे।

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गूगल इंडिया के निदेशक एवं मार्केटिंग पार्ट्नर सत्य राघवन कहा, “भारत में यूट्यूब लॉन्च करने के बाद से 15 साल में कनेक्टिविटी और कंटेंट में एक असाधारण सर्वांगीण डिजिटल परिवर्तन हुआ है। आज, लोगों ने अपने लिए एक असीम दर्शक अनुभव तैयार किया है जो उनके स्मार्टफोन और कनेक्टेड टीवी तक विस्‍तृत है।” जून 2022 की तुलना में 2023 में भारत में चैनलों द्वारा यूट्यूब पर अपलोड की गई सामग्री के कुल घंटों में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ, उस महीने में 35 साल से अधिक उम्र के वयस्कों ने प्रति दिन औसतन 70 मिनट से अधिक यूट्यूब देखा। जैसा कि क्रिएटर्स ने नए विचारों और दर्शकों के लिए जेन एआई का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इस वर्ष वैश्विक स्तर पर जेनेरेटिव एआई टूल से संबंधित या उपयोग करने वाले वीडियो को 1.7 अरब से अधिक बार देखा गया है।

ऑनलाइन 18-44 वर्ष के लगभग 70 प्रतिशत दर्शक इस बात से सहमत हैं कि वे उन क्रिएटर्स के कंटेंट देखने के लिए तैयार हैं जो अपने कंटेंट तैयार करने के लिए एआई का उपयोग करते हैं। गूगल ने हाल ही में “यूट्यूब कोर्सेज” लॉन्च किया है – जो भारत में क्रिएटर्स के लिए लोगों को शिक्षित करते हुए अपने कंटेंट से कमाई करने का एक नया तरीका है। यूट्यूब कोर्सेज वीडियो के रूप में शिक्षण सामग्री साझा करने का एक ऑनलाइन माध्यम है। इसमें संदर्भ के लिए पीडीएफ और अन्य फाइलें भी शामिल होंगी।

गूगल के अनुसार, यूट्यूब के क्रिएटर्स के राजस्‍व ने 2021 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 10 हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया और साथ ही 75 लाख नए रोजगार पैदा किए। पिछले साल, यूट्यूब ने एक नए कार्यक्रम की घोषणा की जो क्रिएटर्स को 2023 में लाइसेंस प्राप्त संगीत के साथ अपने लंबे प्रारूप वाले वीडियो से कमाई करने की अनुमति देगा। कंपनी ने ‘क्रिएटर म्यूजिक’ पेश किया है, जो यूट्यूब क्रिएटर्स को उनके लंबे प्रारूप वाले वीडियो में उपयोग के लिए संगीत की लगातार बढ़ती कैटलॉग तक आसान पहुंच प्रदान करता है।

गूगल ने 2023 की दूसरी तिमाही के अपने परिणामों में बताया कि यूट्यूब शॉर्ट्स में दो अरब से अधिक लॉग-इन मासिक यूजर हैं। यह आंकड़ा पिछले साल घोषित यूट्यूब शॉर्ट्स के लिए डेढ़ अरब मासिक लॉग-इन यूजर से अधिक है। गूगल ने यह भी बताया कि यूट्यूब से 7.67 अरब डॉलर का विज्ञापन राजस्व प्राप्‍त हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है। यूट्यूब को 14 फरवरी 2005 को स्टीव चेन, चाड हर्ले और जावेद करीम द्वारा लॉन्च किया गया था। अक्टूबर 2006 में यूट्यूब को गूगल ने 1.65 अरब डॉलर में खरीद लिया था।

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