

सर्जिकल स्ट्राइक जैसा दुस्साहस: छत तोड़कर घुसे चोर
घटना अशोक सिंह की चाय दुकान की है। चोरों ने किसी फिल्मी अंदाज में दुकान के छज्जे को निशाना बनाया और उसे तोड़कर भीतर दाखिल हुए। दुकान संचालक जब सुबह दुकान पहुँचा, तो वहां का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
- नुकसान: लगभग 2 लाख रुपये के कीमती सिगरेट, पान मसाला और अन्य सामग्री।
- तरीका: रेकी कर छत के रास्ते प्रवेश, ताकि सामने से कोई देख न सके।

फ्लैग मार्च का निकला ‘दम’, व्यापारियों में उबाल
अभी चंद दिनों पहले ही होली के मद्देनजर पुलिस ने भारी लाव-लश्कर के साथ फ्लैग मार्च निकालकर अपराधियों को चेतावनी दी थी। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की वह चेतावनी केवल सड़कों तक सीमित रह गई।
”अगर चौकी से 10 कदम की दूरी पर दुकान सुरक्षित नहीं है, तो शहर के बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा?” — स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश

इस वारदात ने कोरबा पुलिस की मुस्तैदी पर कई गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं:
- जब पुलिस चौकी इतनी करीब थी, तो क्या ड्यूटी पर तैनात जवानों को छत टूटने की आहट तक नहीं मिली?
- रात की गश्त (Night Patrolling) के दौरान क्या टीमें केवल मुख्य सड़कों पर गाड़ियां दौड़ा रही हैं?
- क्या फ्लैग मार्च सिर्फ जनता को दिखाने के लिए एक ‘शक्ति प्रदर्शन’ मात्र था?

