*खाकी को खुली चुनौती: पुलिस चौकी के ‘नाक के नीचे’ बड़ी सेंधमारी, 2 लाख के माल पर हाथ साफ!*

Thevoicesnews
Thevoicesnews
3 Min Read

 

कोरबा। औद्योगिक नगरी में चोरों के हौसले अब इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का खौफ तो दूर, खाकी की मौजूदगी का भी अहसास नहीं रहा। ताज़ा मामला CSEB पुलिस चौकी का है, जहाँ ‘दीया तले अंधेरा’ वाली कहावत चरितार्थ हो गई है। जिस पुलिस चौकी के साए में लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते थे, उसी की दीवार से महज़ 10 कदम की दूरी पर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिसिया गश्त की धज्जियां उड़ा दी हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक जैसा दुस्साहस: छत तोड़कर घुसे चोर

​घटना अशोक सिंह की चाय दुकान की है। चोरों ने किसी फिल्मी अंदाज में दुकान के छज्जे को निशाना बनाया और उसे तोड़कर भीतर दाखिल हुए। दुकान संचालक जब सुबह दुकान पहुँचा, तो वहां का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

  • नुकसान: लगभग 2 लाख रुपये के कीमती सिगरेट, पान मसाला और अन्य सामग्री।
  • तरीका: रेकी कर छत के रास्ते प्रवेश, ताकि सामने से कोई देख न सके।

फ्लैग मार्च का निकला ‘दम’, व्यापारियों में उबाल

​अभी चंद दिनों पहले ही होली के मद्देनजर पुलिस ने भारी लाव-लश्कर के साथ फ्लैग मार्च निकालकर अपराधियों को चेतावनी दी थी। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की वह चेतावनी केवल सड़कों तक सीमित रह गई।

​”अगर चौकी से 10 कदम की दूरी पर दुकान सुरक्षित नहीं है, तो शहर के बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा?” — स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश

 

तीखे सवाल: जवाब कौन देगा?

​इस वारदात ने कोरबा पुलिस की मुस्तैदी पर कई गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं:

  1. ​जब पुलिस चौकी इतनी करीब थी, तो क्या ड्यूटी पर तैनात जवानों को छत टूटने की आहट तक नहीं मिली?
  2. ​रात की गश्त (Night Patrolling) के दौरान क्या टीमें केवल मुख्य सड़कों पर गाड़ियां दौड़ा रही हैं?
  3. ​क्या फ्लैग मार्च सिर्फ जनता को दिखाने के लिए एक ‘शक्ति प्रदर्शन’ मात्र था?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की रस्म अदायगी शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस अपनी नाक के नीचे हुई इस चोरी का खुलासा कर पाएगी, या फिर यह फाइल भी धूल फांकते हुए ‘अज्ञात’ के खाते में चली जाएगी?
Share this Article
Home
Wtsp Group
Search
📲 Share