दो लोनर हाथी में छिड़ा द्वंद, टस्कर लोनर खेसारी लाल हुआ घायल, पैर में सूजन, लंगड़ा कर चलते ग्रामीणों ने देखा, वन अमला करा रहा उपचार: देखिए वीडियो

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कोरबा। कटघोरा वन मंडल में बेबी एलीफेंट की मौत के कुछ ही घंटे बाद लोनर हाथी के चोटिल होने की खबर सामने आ गई है। दरअसल जंगल में दो हाथी के बीच द्वंद छिड़ गया। इस द्वंद में खेसारी लाल नामक लोनर टस्कर घायल हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन अमला पशु चिकित्सक की मदद से लोनर हाथी के उपचार में जुट गया है।

बताया जा रहा है कि कटघोरा वन मंडल के केदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोरबी परिसर के ओडारबहरा में एक टस्कर लोनर हाथी विचरण कर रहा है। जिसे ग्रामीण प्यार से खेसारी लाल और कबराकान के नाम से पुकारते है। वह दो-तीन दिनों से लंगड़ा कर चल रहा है जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी।यह खबर मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। आला अफसरों के निर्देश पर पशु चिकित्सक डॉक्टर चंदन को अवगत कराया गया। उनके पहुंचने के बाद वन अमले ने ड्रोन की मदद से हाथी को ट्रैक करने का प्रयास शुरू किया गया। इस दौरान टस्कर खेसारी लाल ट्रैक कर लिया गया।पशु चिकित्सक को परीक्षण के दौरान लोनर हाथी घायल मिला। उसका एक पैर चोटिल था, जिससे रक्तस्राव हो रहा था।पशु चिकित्सक के परीक्षण व सलाह से वन अमले ने दवाई मिले गुड़ का गोला तैयार कर लोनर हाथी को खिलाना शुरू किया, जिससे उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीते सप्ताह टस्कर लोनर खेसारी लाल का एक अन्य हाथी के साथ द्वंद हुआ था।जिसमें खेसारी लाल के सामने वाले दाहिने पैर चोटिल हुआ है। बहरहाल डीएफओ कुमार निशांत, एसडीओ संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन रेंजर अभिषेक दुबे के नेतृत्व में वनरक्षक अशोक श्रीवास व नागेंद्र भूषण जायसवाल टीम के साथ दंतैल की निगरानी कर रहे है। उससे संबंधित तमाम गतिविधियों पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी सुधीर अग्रवाल को अवगत कराया जा रहा है।

दो साल पहले भी घायल हुआ था खेसारी लाल

बताया जा रहा है कि दो साल पहले भी टस्कर लोनर हाथी खेसारी लाल जंगल पहुंचा था। इस दौरान भी वह घायल हुआ था। वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों ने पशु चिकित्सक की मदद से उपचार किया था। वह स्वस्थ होने के बाद झुंड में शामिल हो गया था।

49 हाथियों का झुंड कर रहा विचरण

कटघोरा वन मंडल में 49 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। इनमे 19 हाथी पसान रेंज के सेमारहा, 29 हाथी केंदई के कोरबी रेंज के ओडारबहरा में डेरा डाला हुआ है, जबकि एक हाथी सखोदा परिसर से हसदेव नदी को पार रस्मेश्वरनगर पहुंच गया है।

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