कोरबा, 3 सितंबर 2026। रेलवे स्टेशन कोरबा परिसर में गुरुवार को आगजनी से बचाव, अग्निशमन यंत्रों के उपयोग, आपदा प्रबंधन और साइबर अपराध से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम एवं संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेन में यात्रा के दौरान आगजनी जैसी आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करना रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के साथ वार्ड पार्षद, स्थानीय नागरिक, कुली, ऑटो चालक और यात्रियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने के संभावित कारण तथा तत्काल बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

फायर एक्सटिंग्विशर का कराया व्यावहारिक प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर समेत अन्य अग्निशमन उपकरणों के सही और सुरक्षित इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। लोगों को बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं और तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें।
पुलिस टीम ने आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, जन-धन की सुरक्षा और प्राथमिक सावधानियों के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।

साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम में पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। साइबर क्राइम प्रभारी ललित चंद्रा ने संदिग्ध कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग एवं गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।
रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल के दौरान भी सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों से बचने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कई विभागों की रही सहभागिता
संयुक्त कार्यक्रम में जिला पुलिस बल के साथ रक्षित निरीक्षक अनथराम पैकरा, आरपीएफ निरीक्षक सतीश कुमार, जीआरपी, नगर सेना की फायर टीम, स्वास्थ्य विभाग तथा रेलवे स्टेशन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यात्री, स्थानीय नागरिक, कुली, ऑटो चालक और वार्ड पार्षद शामिल हुए। पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से अपील की कि आगजनी और साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें।

