
कोरबा। किसी कारणवश युवक ने इहलीला समाप्त करने का फैसला कर लिया। वह नशे में धुत होकर चूहामार दवा के साथ जंगल पहुंचा। उसने जंगल में ही जहर का सेवन कर लिया। जानकारी होने पर परिजन इलाज के लिए युवक को लेकर करतला सीएचसी पहुंचे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है।
करतला थानांतर्गत ग्राम श्रीमार में तीजराम राठिया निवास करता है। वह रोजी मजदूरी कर परिवार कर भरण पोषण करता है। उसके दो पुत्र भी घर चलाने में उसकी मदद करते थे। तीजराम 4 अप्रैल को अपनी पत्नी के साथ महुआ बीनने जंगल चला गया। उसने अपने पुत्र सूरज कुमार 22 वर्ष को भी थोड़ी देर बाद जंगल आने कहा था, लेकिन सुबह करीब दस बजे मोहल्ले में रहने वाले एक युवक ने उसे कॉल कर जानकारी दी कि सूरज नशे में चूर है। वह अपने पास चूहामार दवा रखा है, जिसे खाकर आत्महत्या की बात कह रहा है। इस बात की जानकारी होने पर तीजराम पत्नी के साथ घर पहुंचा। इस दौरान सूरज गायब मिला। परिजन खोजबीन करते हुए गांव के समीप धोबनीन मार घाट पहाड़ी के पास पहुंचे, जहां सूरज बैठा मिला। उसने अपने पास रखे चूहामार का सेवन कर लिया था। जिसकी भनक लगते ही परिजन बाइक के बिठाकर युवक को करतला सीएचसी ले आए, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब 8 दिनों तक चले इलाज के बाद भी उसकी जान नही बचाई जा सकी। उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल पुलिस ने मेमो के आधार पर वैधानिक कार्रवाई पूरी की है।
